उत्तराखंड और तमिलनाडु की छात्राओं द्वारा सेनाध्यक्ष को सौंपी गई एक लाख राखियां

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Aug 12 2019 10:59AM
उत्तराखंड और तमिलनाडु की छात्राओं द्वारा सेनाध्यक्ष को सौंपी गई एक लाख राखियां
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सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने इस पहल का बहुत भाव भीना स्वागत किया और कहा कि नन्हे बच्चों द्वारा बनायीं राखियां जवानों का मनोबल बढ़ाएंगी। यह राखियां तमिलनाडु से दिल्ली तक एयर इंडिया के मुख्य महाप्रबंधक श्री अश्विनी लोहानी की ओर से निशुल्क लाई गयीं।

कश्मीर के वर्तमान वातावरण में देश के एक छोर से दूसरे छोर की स्कूल छात्राओं ने भारत के सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत को एक लाख हस्त निर्मित राखियां भेंट कीं जो सियाचिन, जैसलमेर, नाथुला जैसे सीमांत क्षेत्रों पर तैनात जवानों के लिए भेजी जाएंगी। इन राखियों को तमिलनाडु, करूर के भरनी विद्यालय और देहरादून के आर्यन स्कूल की नन्ही छात्राओं  द्वारा बनाया गया। उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु में राखी का पर्व नहीं होता परन्तु सीमा पर तैनात जवानों का मनोबल बढ़ने वहाँ की छात्राओं ने उत्तराखंड से पूर्व सांसद तरुण विजय की पहल पर गत दो वर्षों से राखियां बना कर सेनाध्यक्ष को भेजना शुरू किया। इस समूह में, जिसे  सेनाध्यक्ष की राखी ब्रिगेड भी कहा गया, यूथ फॉर भारत की युवतियां और छात्र भी थे। सुहासिनी शेखावत ने उनका नेतृत्व किया। कोइम्बटोर और मदुरै से भी तमिल छात्राएं प्रधानाचार्य राम सुब्रमण्यम के नेतृत्व में आईं। सेनाध्यक्ष जनरल रावत ने ने सब बहनों को मिठाई खिलाई और परंपरागत रूप भाई की और से से बहादुरी का प्रतीक उपहार भी दिया। वंदना बिष्ट विजय ने सभी छात्रों और राखी फॉर सोल्जर्स टीम का परिचय करवाया। उन्होंने कहा कि राखी पर्व पर सब छात्राएं अपने अपने जिले में पोलिस, अर्ध सैनिक बलों और सेना के सभी अंगों के जवानों को राखियां बांधे यह इस अभियान का उद्देश्य है।


सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने इस पहल का बहुत भाव भीना स्वागत किया और कहा कि नन्हे बच्चों द्वारा बनायीं राखियां जवानों का मनोबल बढ़ाएंगी। यह राखियां तमिलनाडु से दिल्ली तक एयर इंडिया के मुख्य महाप्रबंधक श्री अश्विनी लोहानी की ओर से निशुल्क लाई गयीं। जवानों के लिए राखियां अभियान उत्तराखंड के पूर्व सांसद तरुण विजय द्वारा दो वर्ष पहले शुरू किया गया था और डोकलाम, नाथुला घटनाक्रम के समय भी 50 हज़ार राखियां भेजी गयीं थीं। तरुण विजय ने कहा कि अगले वर्ष वे थल सेना, वायु सेना और नौ सेना के लिए पांच लाख राखियां देश भर से बनवाकर भेजने का लक्ष्य रखते हैं।
 


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