रेहड़ी पटरीवालों के खाते में राहत के तौर पर डाले जाएंगे एक-एक हजार रुपए: शिवराज

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 26, 2021   11:22
रेहड़ी पटरीवालों के खाते में राहत के तौर पर डाले जाएंगे एक-एक हजार रुपए: शिवराज

हम सब मिलकर कोरोना के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं। राहत की बात यह है कि अब लगातार संक्रमण दर कम होती चली जा रही है। 22 अप्रैल को यह 24.29 प्रतिशत था जो 25 अप्रैल को 23.01 हो गया।

भोपाल। कोरोना वायरस के तेजी बढ़ रहे नये मामलों के मद्देनजर मध्य प्रदेश के अधिकांश भागों में लगाये गये कर्फ्यू के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ऐलान किया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रेहड़ी पटरीवालों को राहत प्रदान करने के लिए उनके खाते में एक-एक हजार रुपए डाले जाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों के खाते में भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना निधि की एक किस्त भी शीघ्र ही डाली जाएगी। चौहान ने मुख्यमंत्री निवास से प्रदेशवासियों के नाम जारी संदेश में यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी काल के इन कठिनाइयों वाले समय में जीवनयापन के लिये भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने गरीबों को तीन महीने का राशन नि:शुल्क देने का फैसला किया है। भारत सरकार ने भी मई और जून दो माह का राशन नि:शुल्क देने निर्णय लिया है।’’

चौहान ने कहा, ‘‘इसके साथ शहरी और ग्रामीण रेहड़ी पटरीवालों के खाते में भी एक-एक हजार रूपए डालने का निर्णय लिया गया है। किसानों के खाते में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना निधि की एक किस्त भी शीघ्र ही डाली जाएगी। जनता को राहत देने के हरसंभव उपाय लगातार जारी रहेंगे।’’ मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को हर साल दस-दस हजार रूपये दिए जाते हैं। इसमें से छह-छह हजार केन्द्र सरकार देती है, जबकि चार-चार हजार मध्य प्रदेश सरकार दो समान किस्तों में देती है। चौहान ने कहा,‘‘ हम सब मिलकर कोरोना के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं। राहत की बात यह है कि अब लगातार संक्रमण दर कम होती चली जा रही है। 22 अप्रैल को यह 24.29 प्रतिशत था जो 25 अप्रैल को 23.01 हो गया।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।