सावधान ! दोस्त और रिश्तेदारों के नाम पर हो रही ऑनलाइन धोखाधड़ी

सावधान ! दोस्त और रिश्तेदारों के नाम पर हो रही ऑनलाइन धोखाधड़ी

नए-नए तरीके अपनाने वाले जालसाजों ने अब खाताधारकों के रिश्तेदारों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऑनलाइन शराब के नाम पर और भी कई अलग-अलग तरीकों से जालसाजों ने धोखा देकर सैकड़ों बैंक खातों से पैसा गायब किया है।

नयी दिल्ली। कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते प्रसार के बीच में ऑनलाइन ठगी के मामले भी सामने आ रहे हैं। सरकार ने कोरोना के रोकथाम के लिए देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किया था जिसके बाद अब धीरे-धीरे पाबंदियों में ढील भी जा रही है और आर्थिक गतिविधियों को तेजी प्रदान किए जाने की रणनीति बनाई जा रही है। लेकिन ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों ने लॉकडाउन में बहुतों को चूना लगाया है और अभी भी यह लोग ठगी की फिराक में जुटे हुए हैं।

नए-नए तरीके अपनाने वाले जालसाजों ने अब खाताधारकों के रिश्तेदारों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ऑनलाइन शराब के नाम तो और भी कई अलग-अलग तरीकों से जालसाजों ने धोखा देकर सैकड़ों बैंक खातों से पैसा गायब किया है। 

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हाल ही में मुंबई में एक स्टार्टअप के प्रमोटर भी जालसाजी का शिकार हुए हैं। दरअसल, उनकी पहचान चुराकर जालसाजों ने उनके रिश्तेदारों को निशाना बनाया। धोखेबाजों ने विदेशों में रह रहे परिचितों को सोशल मीडिया में मौजूद तस्वीरों के माध्यम से ढूंढा और मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से संपर्क किया और फिर इमरजेंसी का झांसा देकर 2 लाख रुपए की ठगी की।

इस बात का पता लगने के बाद प्रमोटर ने साइबरक्राइम सेल में इसकी शिकायत की और फिर बैंक पहुंच गया। लेकिन धोखाधड़ी करने वालों ने उस पैसे को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद कई खातों में ट्रांसफर कर दिया था। 

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धोखेबाज कोविड-19 के खतरे का उठा रहे फायदा

कोविड-19 के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच में पुलिसकर्मी पूरी तरह से व्यक्त हैं और अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसे में धोखाधड़ी करने वालों लोग इसी बात का फायदा उठा रहे हैं। जबकि बैंक हेल्पलाइन में काम करने वाले लोग आंशिक रूप से शाखाओं के साथ काम करने में जुटे हुए हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने शराब की ऑनलाइन बिक्री का ऐलान किया था जिसके बाद धोखाधड़ी के मामले बढ़ने की संभावना और अधिक हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक धोखाधड़ी करने वाले लोगों ने वाइन शॉप के नाम का फेसबुक प्रोफाइल बनाया और गूगल मैप पर बहुत सी दुकानों के नम्बर भी एडिट कर दिए।

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ऑर्डर लेने से पहले इन लोगों ने क्रेडिट कार्ड की डिटेल और ओटीपी लेकर धोखाधड़ी की। वाइन शॉप के नाम पर हो रही धोखाधड़ी के शिकार होने वालों में मुंबई का एक फिल्म निर्माता भी शामिल हैं।

मुंबई हाईकोर्ट के वकील व साइबर लॉ एक्सपर्ट प्रशांत माली ने बताया कि लॉकडाउन की शुरुआती चरण में ही 84 फीसदी ऑनलाइन अपराध हुए थे। इतना ही नहीं उन्होंने अनुमान जताया कि हाल के सप्ताहों में कम से वाइन शॉप की धोखाधड़ी के 500-600 मामले सामने आए हैं।





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