मार्च से सिद्धिविनायक मंदिर में जाने के लिए कराना होगा ऑनलाइन पंजीकरण

Siddhivinayak temple
मंदिर के प्रबंधन से जुड़ी एक पदाधिकारी ने इस बारे में बताया। उन्होंने बताया कि अगले महीने से ऑनलाइन पंजीकरण कराने वालों को ही दर्शन की अनुमति दी जाएगी और एक घंटे में मंदिर के भीतर 100 श्रद्धालुओं को ही जाने की इजाजत होगी।
मुंबई। महाराष्ट्र के मुंबई और अन्य भागों में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर एक मार्च से सिद्धिविनायक मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। मंदिर के प्रबंधन से जुड़ी एक पदाधिकारी ने इस बारे में बताया। उन्होंने बताया कि अगले महीने से ऑनलाइन पंजीकरण कराने वालों को ही दर्शन की अनुमति दी जाएगी और एक घंटे में मंदिर के भीतर 100 श्रद्धालुओं को ही जाने की इजाजत होगी। 

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में रात्रि कर्फ्यू को लेकर गृहमंत्री का बड़ा बयान, महाराष्ट्र से सटे 12 जिलों के लिए अलर्ट जारी

श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर न्यास की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रियंका छपवले ने बताया कि वर्तमान में दर्शन के लिए पंजीकरण नहीं कराने वाले श्रद्धालुओं को मौके पर क्यूआर कोड दिए जाते हैं जिससे वे मंदिर में दाखिल हो पाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमने एक मार्च से इस व्यवस्था को पूरी तरह रोकने का फैसला किया है। अगले आदेश तक पहले से पंजीकरण नहीं कराने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक घंटे केवल 100 श्रद्धालुओं को ही पहले से बुक क्यूआर कोड के साथ सुबह सात बजे से रात नौ बजे के बीच दर्शन के लिए जाने की अनुमति होगी।’’ 

इसे भी पढ़ें: मुंबई के आर्थर जेल में रहेंगे भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी ! विशेष कोठरी तैयार की गई

छपवले ने कहा कि अंगारकी चतुर्थी (दो मार्च) के दिन सुबह आठ बजे से नौ बजे के बीच दर्शन की अनुमति होगी। सिद्धिविनायक मंदिर शहर के प्रभादेवी इलाके में स्थित है। कोरोना वायरस महामारी के प्रसार के कारण पिछले साल कई महीनों तक मंदिर बंद रहा था। नवंबर में इसे फिर से खोला गया।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़