फर्रुखाबाद में ''ऑपरेशन मासूम'' खत्म, 8 घंटे बंधक बने सभी बच्चों को सुरक्षित निकाला गया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 31, 2020   09:27
फर्रुखाबाद में ''ऑपरेशन मासूम'' खत्म, 8 घंटे बंधक बने सभी बच्चों को सुरक्षित निकाला गया

पुलिस ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि बाथम मानसिक रूप से अस्थिर था। इससे पहले एडीजी कानून व्यवस्था पी. वी. रामाशास्त्री ने बताया कि मकान में करीब बीस बच्चे बंधक बनाये गये थे। आरोपी हत्या के एक मामले में जेल में जा चुका था और हाल ही में जमानत पर बाहर आया था।

फर्रुखाबाद (उप्र)। उत्तर प्रदेश पुलिस और एटीएस की टीम ने फर्रुखाबाद जिले के मोहम्मदाबाद के कठरिया गांव में 23 बच्चों को बंधक बनाने वाले एक हत्या के आरोपी सुभाष बाथम को देर रात मार गिराया और सभी बच्चों को उसके घर से सुरक्षित निकाल लिया गया। बाथम ने अपनी बेटी के जन्मदिन के समारोह में बच्चों को आमंत्रित करने के बाद बृहस्पतिवार शाम उन्हें बंधक बना लिया था। बंधक बनाए गए बच्चों की आयु छह महीने से 15 साल से बीच है। बच्चे करीब आठ घंटे तक बंधक बने रहे। अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने बृहस्पतिवार देर रात एक बजकर 20 मिनट पर आनन-फानन में बुलाए गए एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ सभी 23 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और बच्चों को बंधक बनाने वाले को मार गिराया गया है।’’

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पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह ने कहा, ‘‘ आरोपी ने बच्चों को अपनी बेटी के जन्मदिन की पार्टी के लिए बुलाया था और उन्हें बंधक बना लिया। यह सब 30 जनवरी को शाम पांच बजकर 45 मिनट पर शुरू हुआ और करीब आठ घंटे तक बच्चे बंधक बने रहे।’’ उन्होंने बताया कि आरोपी ने शुरुआत में छह महीने की एक बच्ची को एक बालकनी से अपने पड़ोसी को सौंपकर मुक्त कर दिया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने उससे बात करने वाले लोगों पर घर के भीतर से ही गोलियां चलाईं जिससे एक व्यक्ति और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि बच्चों को बंधक बनाने के पीछे आरोपी का मकसद क्या था। 

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पुलिस ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि बाथम मानसिक रूप से अस्थिर था। इससे पहले एडीजी कानून व्यवस्था पी. वी. रामाशास्त्री ने बताया कि मकान में करीब बीस बच्चे बंधक बनाये गये थे। आरोपी हत्या के एक मामले में जेल में जा चुका था और हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद नजर रख रहे थे और उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक कर उन्हें घटनास्थल पर रहने का निर्देश दिया था। 

आईजी कानपुर जोन मोहित अग्रवाल ने बताया कि आरोपी ने अपनी बच्ची के जन्मदिन के बहाने बच्चों को अपने घर बुलाया था और घर के नीचे बने भूमिगत तल में इन बच्चों को रखा था। उन्होंने बताया था कि उसने मकान के अंदर से छह गोलियां भी चलाई थीं। वह स्थानीय विधायक से बात करना चाहता था, विधायक वहां गये लेकिन उसने उनसे बात नहीं की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उसके एक रिश्तेदार को भी बातचीत के लिये घर के करीब भेजा लेकिन उस व्यक्ति ने रिश्तेदार पर भी गोली चला दी जिससे वह घायल हो गया।





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