केजरीवाल से अलग है AAP सांसद की राय, पराली जलाने के समर्थन में खुलकर आए सामने

केजरीवाल से अलग है AAP सांसद की राय, पराली जलाने के समर्थन में खुलकर आए सामने

आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान का मानना है कि पंजाब के किसान फसल बोएंगे तो पराली तो जलेगी। पराली वाली फसलें हमसे क्यों बोने को कहते हैं।

राजधानी दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर बढ़ गया है। राष्ट्रीय राजधानी के कुछ इलाकों में गुरुवार को AQI 400 के पार पहुंच गया, जो खतरनाक स्तर की श्रेणी में आता है। पराली के धुएं व धूल के महीन कणों से दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली हो गई है। लेकिन दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब से सांसद भगवंत मान पराली जलाने का खुलकर समर्थन कर रहे हैं। एक तरफ जहां दिल्ली के मुखिया अरविंद केजरीवाल प्रदूषण के लिए पराली को खुले तौर पर जिम्मेदार बताते हुए कह चुके हैं कि हरियाणा और पंजाब में किसान जो पराली जलाते हैं उसी से दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा है। लेकिन आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान का मानना है कि पंजाब के किसान फसल बोएंगे तो पराली तो जलेगी। पराली वाली फसलें हमसे क्यों बोने को कहते हैं।

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भगवंत मान सुझाव देते हुए कहते हैं कि मक्की होती है, वो एक-एकड़ में जितने कीमत की होती है जितने कीमत की धान होती है। उसकी जो कीमत है उसका जो गैप है, उसका मुआवजा किसान को दे दो, हम वो फसने बोने लगेंगे, फिर पराली नहीं जलेगी। उन्होंने कहा कि इस समस्या के हल के लिए किसान को मशीनें दे दो, जो पराली को खत्म कर दे।

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पराली से प्रदूषण पर क्या कहते हैं आंकड़ें?

पंजाब में इस साल 23 सितंबर से 27 अक्टूबर के बीच धान की पराली जलाने के 12,027 मामले रिकॉर्ड किए गए हैं। ये आकड़ें पिछले साल के पराली जलाने की घटनाओं के मुकाबले 2,427 ज्यादा है। हालांकि हरियाणा में भी पराली जलाने की घटनाओं में कमी नहीं आई है। इस साल 3,705 पराली जलाने के मामले रिकॉर्ड किए गए, जो पिछले साल भी इस अवधि में 3,705 दर्ज हुए थे।





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