संसद में विपक्ष ने मचाया जोरदार हंगामा, दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित

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अलग अलग मुद्दों पर विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक सोमवार को शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित हो गई। हंगामे की वजह से उच्च सदन में आज भी शून्यकाल नहीं हो पाया।

नयी दिल्ली। अलग अलग मुद्दों पर विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक सोमवार को शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित हो गई। हंगामे की वजह से उच्च सदन में आज भी शून्यकाल नहीं हो पाया। बैठक शुरू होने पर आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के बाद सभापति एम वेंकैया नायडू शून्यकाल के तहत भाजपा सदस्य सुशील कुमार मोदी का नाम पुकारा और उनसे उनका मुद्दा उठाने के लिए कहा। लेकिन इसी बीच कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने अलग अलग मुद्दों को लेकर दिए गए अपने नोटिसों का जिक्र किया।

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सभापति ने कहा कि उन्हें नियम 261 के तहत, कामकाज स्थगित कर कुछ मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, द्रमुक के तिरूचि शिवा, तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय सहित कुछ सदस्यों के नोटिस मिले हैं लेकिन उन्होंने इन नोटिसों को मंजूरी नहीं दी है। नायडू ने कहा कि आज शून्यकाल के तहत अलग अलग मुद्दे उठाने के लिए उन्हें 12 सदस्यों से नोटिस प्राप्त हुए हैं और विशेष उल्लेख भी है। इसके अलावा अन्य कामकाज भी होना है। इस बीच विपक्षी सदस्यों ने अपनी अपनी मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। सभापति ने कहा कि इस तरह सदन की कार्यवाही बाधित करना ठीक नहीं है।

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उन्होंने कहा कि शून्यकाल के तहत सदस्यों ने महंगाई, कोविड-19 महामारी, पेट्रोल डीजल की कीमत में वृद्धि, कावेरी जल विवाद जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने के लिए नोटिस दिए हैं, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सदस्यों से शांत रहने और शून्यकाल चलने देने की अपील की लेकिन सदन में व्यवस्था बनते न देख उन्होंने 11 बज कर करीब आठ मिनट पर ही बैठक दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले, सदन की बैठक शुरू होने पर करगिल विजय दिवस की 22वीं वर्षगांठ पर, पाकिस्तान के साथ हुए इस युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।

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