DU में 82 प्रतिशत से अधिक सीटें भरी, जल्द आ सकती है तीसरी कट ऑफ सूची

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 24, 2020   09:09
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DU में 82 प्रतिशत से अधिक सीटें भरी, जल्द आ सकती है तीसरी कट ऑफ सूची
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘पहली कट ऑफ सूची में 35,500 सीटें भरी गईं और दूसरी कट ऑफ सूची में 22,147 सीटें भरी गई। विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों के लिए कुल सत्तर हजार सीटें हैं।’’

नयी दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में दूसरी कट ऑफ सूची के तहत प्रवेश प्रक्रिया के बाद 82 प्रतिशत से अधिक सीटें भर गई हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। विश्वविद्यालय द्वारा तीसरी कट ऑफ सूची शनिवार को जारी किये जाने की उम्मीद है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘पहली कट ऑफ सूची में 35,500 सीटें भरी गईं और दूसरी कट ऑफ सूची में 22,147 सीटें भरी गई। विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों के लिए कुल सत्तर हजार सीटें हैं।’’ 

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दिल्ली विश्वविद्यालय ने पिछले शनिवार को दूसरी कट ऑफ सूची जारी की थी। इस साल, कोरोना वायरस महामारी के कारण प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जा रही है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


किसानों और सरकार के बीच आज होगी बात, दोपहर 3 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में चर्चा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 1, 2020   08:03
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किसानों और सरकार के बीच आज होगी बात, दोपहर 3 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में चर्चा
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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'कोरोना वायरस महामारी एवं सर्दी को ध्यान में रखते हुये हमने किसान यूनियनों के नेताओं को तीन दिसंबर की बैठक से पहले ही चर्चा के ​लिये आने का न्यौता दिया है। यह बैठक एक दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में दोपहर बाद तीन बजे बुलायी गयी है।

नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के नेताओं को कोविड-19 महामारी एवं सर्दी का हवाला देते हुये तीन दिसंबर की जगह मंगलवार को बातचीत के लिये आमंत्रित किया है। गौरतलब है कि हजारों किसान दिल्ली की सीमा पर पिछले पांच दिनों से धरने पर हैं । केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ उनका यह धरना सोमवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। इन कानूनों के बारे में किसानों को आशंका है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त हो जाएगा।

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तोमर ने कहा, 'कोरोना वायरस महामारी एवं सर्दी को ध्यान में रखते हुये हमने किसान यूनियनों के नेताओं को तीन दिसंबर की बैठक से पहले ही चर्चा के ​लिये आने का न्यौता दिया है। उन्होंने बताया कि अब यह बैठक एक दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में दोपहर बाद तीन बजे बुलायी गयी है। उन्होंने बताया कि 13 नवंबर को हुई बैठक में शामिल सभी किसान नेताओं को इस बार भी आमंत्रित किया गया है।

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इस बीच कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने 32 किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों को पत्र लिख कर एक दिसंबर को चर्चा के लिये आमंत्रित किया है। अग्रवाल ने जिन संगठनों को पत्र लिखा है उनमें क्रांतिकारी किसान यूनियन, जम्मुहारी किसान सभा, भारतीाय किसान सभा (दकुदा), कुल हिंद किसान सभा और पंजाब किसान यूनियन शामिल हैं। इससे पहले 13 नवंबर को हुयी बैठक बेनतीजा रही थी और केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने किसानों को तीन दिसंबर को दूसरे दौर की बातचीत के लिये आमंत्रित किया था ताकि तीन नये कृषि कानूनों से उपजी उनकी चिंताओं का निराकरण किया जा सके।





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भोपाल के ईदगाह हिल्स का नाम गुरु नानक टेकरी रखने की माँग

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 30, 2020   23:30
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भोपाल के ईदगाह हिल्स का नाम गुरु नानक टेकरी रखने की माँग
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भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाए। उन्होंने कहा कि 500 साल पहले जब गुरु नानक देव जी भारत भ्रमण पर निकले थे, तब वे भोपाल भी आए थे।

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने  प्रदेश की राजधानी  भोपाल स्थित ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि भोपाल की यह टेकरी ऐतिहासिक रूप से गुरु नानक देव जी की स्मृतियों से जुड़ी हुई है। वही रामेश्वर शर्मा ने होशंगाबाद शहर का नाम बदलकर नर्मदापुरम रखने की वकालत की है। 

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भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाए। उन्होंने कहा कि 500 साल पहले जब गुरु नानक देव जी भारत भ्रमण पर निकले थे, तब वे भोपाल भी आए थे। यहां गुरु नानक देव जी उसी टेकरी पर आए थे, जिसे ईदगाह हिल्स कहा जाता है। उन्होंने कहा कि पहले इस टेकरी को गुरुनानक टेकरी कहा जाता था, लेकिन बाद में यहां ईदगाह बन गई और उसका नाम ईदगाह हिल्स पड़ गया। अब इसे बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाना चाहिए। वही रामेश्वर शर्मा ने कहा कि होशंगाबाद का नाम भी बदलकर नर्मदापुरम किया जाना चाहिए। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


नर्मदा और गौ संरक्षण की मांगों को लेकर भैयाजी सरकार ने शुरू किया सत्याग्रह

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 30, 2020   23:00
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नर्मदा और गौ संरक्षण की मांगों को लेकर भैयाजी सरकार ने शुरू किया सत्याग्रह
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भैयाजी सरकार धूनी वाले द्वारा विगत 46 दिन से अन्न त्याग कर मां नर्मदा गौ सत्याग्रह किया जा रहा है। जबलपुर, मंडला आदि अनेक नर्मदा तटों पर उनके समर्थकों के द्वारा इस सत्याग्रह को समर्थन दिया जा रहा है।

होशंगाबाद। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में नर्मदा और गौ संरक्षण की मांग को लेकर बीते 46 दिनों से सत्याग्रह कर रहे संत भैयाजी सरकार ने सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा से जिले के बांद्राभान संगम तट पर सत्याग्रह शुरू कर दिया है। उनके साथ नर्मदा मिशन से जुड़े कई संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा सत्याग्रह किया जा रहा है। मां नर्मदा की पूजन अर्चन के साथ सत्याग्रह सोमवार सुबह 9 बजे से शुरू हो गया है। जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के सैंकड़ों लोग जुड़ते जा रहे हैं। 

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भैयाजी सरकार धूनी वाले द्वारा विगत 46 दिन से अन्न त्याग कर मां नर्मदा गौ सत्याग्रह किया जा रहा है। जबलपुर,  मंडला आदि अनेक नर्मदा तटों पर उनके समर्थकों के द्वारा इस सत्याग्रह को समर्थन दिया जा रहा है। ब्रांदाभान में सत्याग्रह से पूर्व संत भैयाजी सरकार ने कहा कि माँ नर्मदा के रिपेरियन जोन जो कि 300 मीटर में हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित किया गया है, इस तटीय क्षेत्र को संरक्षित करने, माँ नर्मदा को जीवंत इकाई का दर्जा देने की मांग, गौ संरक्षण, गौचर विकास की मांग को लेकर सत्याग्रह जारी है। उन्होंने बताया कि नर्मदा गौ सत्याग्रह जनजागरण जन आंदोलन समिति मध्य प्रदेश के द्वारा यह सत्याग्रह किया जा रहा है। जिसमें प्रदेश के अनेक संगठन शामिल हो रहे हैं।

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ये हैं प्रमुख मांगे

- हाईकोर्ट के आदेशानुसार नर्मदा के दोनों ओर 300 मीटर तक प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर तत्काल संरक्षित किया जाए।

- मां नर्मदा को जीवंत इकाई का दर्जा देकर ठोस नीति व कानून बनाए जाए।

- हरित क्षेत्र में अवैध निर्माण, अतिक्रमण, भंडारण, खनन प्रतिबंधित किया जाए। 

- अमरकंटक तीर्थ क्षेत्र में हो रहे निर्माण अतिक्रमण खनन पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए।

- नर्मदा के जल में मिल रहे गंदे नालों विषेले रासायनों को बंद करने व अपशिष्ट द्रव्य पदार्थों के प्रबंधन हेतु प्रभावी ठोस कार्ययोजना लागू की जाए।

- बेसहारा गौ वंश के लिए आरक्षित नगरीय निकायों की गौचर भूमि को संरक्षित किया जाए एवं अवैध अतिक्रमण निर्माण कब्जा से मुक्त कराया जाए।

- नर्मदा पथ के तटवर्ती गांव नगरों को जैवविविधता क्षेत्र घोषित कर समग्र गौ-नीति, गौ अभ्यारण बनाया जाए। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।