संसद चर्चा के लिए, ‘‘कागज फाड़ने और नाचने के लिए’’ नहीं : अनुराग ठाकुर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 18, 2021   17:25
संसद चर्चा के लिए, ‘‘कागज फाड़ने और नाचने के लिए’’ नहीं : अनुराग ठाकुर

संसद के शीतकालीन सत्र से पहले परोक्ष रूप से विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बृहस्पतिवार को कहा कि संसद चर्चा के लिए है, ‘‘नाचने तथा कागज फाड़ने के लिए नहीं’’ है।

शिमला। संसद के शीतकालीन सत्र से पहले परोक्ष रूप से विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बृहस्पतिवार को कहा कि संसद चर्चा के लिए है, ‘‘नाचने तथा कागज फाड़ने के लिए नहीं’’ है। ठाकुर ने यह भी कहा कि भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर संसद में चर्चा के लिए राष्ट्रीय और मानवीय हितों के 75 विषय चुने जाने चाहिए। अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (एआईपीओसी) के समापन सत्र को संबोधित करते हुए ठाकुर ने संसद और विधानसभाओं में गुणवत्तापूर्ण चर्चा की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि चर्चा का स्तर सुधारने के लिए प्रयास किये जाने चाहिए।

इसे भी पढ़ें: दिल्ली-एनसीआर वायु प्रदूषण: गोपाल राय ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से किया संयुक्त बैठक बुलाने का आग्रह

संसद के पिछले कुछ सत्रों में विपक्षी दलों के व्यवधान का सीधा उल्लेख किये बिना ठाकुर ने कहा, ‘‘संसद चर्चा के लिए है, कागज फाड़ने तथा मेज पर चढ़कर नाचने के लिए नहीं है। यह काम तो सड़कों पर किया जा सकता है।’’ संसद के पिछले कुछ सत्रों में कृषि कानूनों को पारित किये जाते समय और अनेक मुद्दों पर चर्चा के दौरान अशोभनीय दृश्य देखे गये जहां कुछ सांसदों ने कागज फाड़कर उछाले और राज्यसभा में विपक्ष के कुछ सदस्य महासचिव की मेज के ऊपर चढ़ गये।

इसे भी पढ़ें: फिर यूपी दौरे पर जाएंगे PM मोदी, कई परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ, लखनऊ में करेंगे रात्रि विश्राम

ठाकुर ने पीठासीन अधिकारियों से अनुरोध किया कि विश्वविद्यालय के छात्रों और विधायकों की मदद से शोध के स्तर को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब लोकसभा में उन्होंने अपना पहला भाषण दिया था तो तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने उन्हें प्रोत्साहित किया और सुनिश्चित किया कि इस दौरान सदन में माहौल अच्छा रहे। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरू होगा और 23 दिसंबर तक चल सकता है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।