1500 साल पुराना मंदिर, लोगों की जमीन, खुद को पूरे गांव का मालिक क्यों बता रहा वक्फ बोर्ड

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अभिनय आकाश । Sep 16, 2022 3:37PM
जब राजगोपाल नाम के एक ग्रामीण ने पिछले महीने अपनी बेटी की शादी के लिए अपनी कृषि भूमि बेचने की कोशिश की। जब उन्होंने सब-रजिस्ट्रार से संपर्क किया, तो उन्हें बताया गया कि उनकी 1.2 एकड़ जमीन तमिलनाडु वक्फ बोर्ड की है।

तमिलनाडु में त्रिची जिले के थिरुचेंथुरई में रहने वाले राजगोपाल नाम के व्यक्ति के साथ एक अनोखी घटना घटीय़ उसने अपने अपनी एक एकड़ की जमीन को बेचने के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस की ओर रूख किया। लेकिन वहां जाकर उसे पता चला कि जिस जमीन को बेचने के बारे में वो सोच रहा है वो उसकी है ही नहीं। बल्कि वो जमीन तो वक्फ की हो चुकी है औऱ उसका मालिकाना हक तमिलनाडु वक्फ बोर्ड के पास है। मामला तब सामने आया जब राजगोपाल नाम के एक ग्रामीण ने पिछले महीने अपनी बेटी की शादी के लिए अपनी कृषि भूमि बेचने की कोशिश की। जब उन्होंने सब-रजिस्ट्रार से संपर्क किया, तो उन्हें बताया गया कि उनकी 1.2 एकड़ जमीन तमिलनाडु वक्फ बोर्ड की है और अगर वह इसे बेचना चाहते हैं, तो उन्हें बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त करना होगा। दावा किया जा रहा है कि तिरुचिरापल्ली एक हिंदू बहुल इलाका है और यहां पर एक 1500 साल पुराना मंदिर भी है। 

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सब-रजिस्ट्रार के कार्यालय ने उन्हें तमिलनाडु वक्फ बोर्ड का 20 पन्नों का एक पत्र भी दिखाया, जिसमें संपत्ति के स्वामित्व का दावा किया गया था। अपनी जमीन के बारे में इस जानकारी से हैरान राजगोपाल ने अपनी संपत्ति की कागजी कार्रवाई की, लेकिन ऐसा कोई दावा नहीं मिला। राजगोपाल ने यह भी तर्क दिया कि भूमि दस्तावेज के अनुसार उन्होंने 1992 में किसी और से जमीन खरीदी थी। हालांकि, रजिस्ट्रार ने वक्फ बोर्ड के उन्हें भेजे गए पत्र का हवाला देते हुए इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इससे पहले 18 अगस्त को वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एपी रफीउल्लाह की ओर से तमिलनाडु के सभी रजिस्ट्रार कार्यालयों को एक पत्र भेजा गया था। पत्र में बोर्ड के स्वामित्व वाली भूमि और संपत्तियों का विवरण सूचीबद्ध किया गया था और उन्हें खरीदने की अनुमति नहीं देने के लिए कहा गया था। 

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वक्फ बोर्ड के अनुसार रानी मंगम्मल सहित राजाओं ने वक्फ बोर्ड को तिरुचेंथुरई सहित गांवों को उपहार में दिया है। तमिलनाडु वक्फ बोर्ड वक्फ फॉर मुस्लिम एक्ट 1954 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है। यह वक्फ संस्थानों की देखरेख करता है और वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन करता है। वक्फ संपत्ति चल और अचल संपत्ति है जो इस्लाम को मानने वाले व्यक्ति द्वारा इस्लामिक कानून द्वारा पवित्र या धर्मार्थ के रूप में मान्यता प्राप्त किसी भी उद्देश्य के लिए समर्पित है। इस बीच बीजेपी ने मुस्लिम बोर्ड के दावे के खिलाफ जिला कलेक्टर से शिकायत की है। 

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