पिनराई विजयन सरकार के चार साल पूरे, बिना किसी जश्न के पांचवें साल की शुरुआत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मई 25, 2020   19:01
पिनराई विजयन सरकार के चार साल पूरे, बिना किसी जश्न के पांचवें साल की शुरुआत

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि सरकार ने पिछले चार साल में - 2017 में ओखी तूफान के रूप में, 2018 में निपाह वायरस के रूप में जिससे 17 लोगों की जान चली गयी थी, 2018 तथा 2019 में दो भयावह बाढ़ के रूप में जिनमें सैकड़ों लोग मारे गये और इस साल कोविड-19 के रूप में अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना किया है लेकिन सरकार अपने लक्ष्यों की प्राप्ति से डिगी नहीं।

तिरुवनंतपुरम। केरल में पिनराई विजयन नीत एलडीएफ सरकार के चार साल पूरे हो गये हैं लेकिन इस बार कोई जश्न नहीं मनाया गया और सरकार कोविड-19 संकट से निपटने के संकल्प के साथ काम कर रही है। सरकार ने भरोसा जताया है कि महामारी के इस दौर में राज्य का विकास प्रभावित नहीं होगा। केरल में कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है और 95 हजार से अधिक लोग निगरानी में हैं। राज्य में कोविड-19 के कुल मामलों की संख्या 847 है, वहीं 322 लोगों का इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि सरकार ने पिछले चार साल में - 2017 में ओखी तूफान के रूप में, 2018 में निपाह वायरस के रूप में जिससे 17 लोगों की जान चली गयी थी, 2018 तथा 2019 में दो भयावह बाढ़ के रूप में जिनमें सैकड़ों लोग मारे गये और इस साल कोविड-19 के रूप में अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना किया है लेकिन सरकार अपने लक्ष्यों की प्राप्ति से डिगी नहीं।

सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि राज्य में ‘लाइफ मिशन’ के तहत 2,19,154 मकान बनाये गये, कम से कम 14,000 स्कूल हाईटेक हो गये और 40,000 कक्षाओं को स्मार्ट स्वरूप प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि गेल पाइपलाइन जैसी बड़ी परियोजनाएं पूरी हुईं जो अवरुद्ध हो रही थीं। विजयन ने दावा किया कि सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र में किये गये लगभग सारे वादे पूरे किये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘केरल की जनता से किये गये वादों को पूरा करने की हमारी यात्रा चुनौतियों से भरी रही है। लेकिन हमने ऐसी सभी प्रतिकूल स्थितियों में दृढ़ता और लचीलापन दिखाया।’’ उन्होंने कहा कि इस तरह के हालात में बहुत आर्थिक बोझ भी रहा जहां केरल को केंद्र की मदद की सर्वाधिक जरूरत थी लेकिन वह नहीं मिली। राज्य में विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ पर निशाना साधते हुए विजयन ने कहा कि उन्होंने पिछले चार साल में कभी एलडीएफ सरकार को सहयोग नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राकृतिक आपदाओं और महामारी के समय भी विपक्ष ने सरकार के समस्त प्रयासों को अवरुद्ध किया। 

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विजयन ने कहा, ‘‘क्या एक जिम्मेदार विपक्ष को इस तरह बर्ताव करना चाहिए? उन्हें अपने रवैये का आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। लोग देख रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि विपक्ष से सहयोग नहीं मिलने के बावजूद राज्य सरकार विकास के अपने एजेंडे पर काम करते रहने में सक्षम है। इस बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नितला ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह सभी मोर्चों पर पूरी तरह विफल रही है और भ्रष्टाचार उसकी पहचान बन गया है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि एलडीएफ के चुनावी घोषणापत्र में किये गये अनेक वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। बाद में कांग्रेस नेताओं ने एलडीएफ सरकार पर कुशासन का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ यहां सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया। चेन्नितला और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।





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