नारीशक्ति को आज़ादी के अमृतकाल में राष्ट्रशक्ति के रूप में लाना सभी का दायित्व, गुजरात में विभिन्न परियोजनाओँ का उद्घाटन करते हुए बोले PM मोदी

PM Modi
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अभिनय आकाश । Aug 04, 2022 5:42PM
पीएम मोदी ने कहा कि देश की नारीशक्ति को आज़ादी के अमृतकाल में राष्ट्रशक्ति के रूप में सामने लाना हम सभी का दायित्व है। केंद्र सरकार आज बहनों-बेटियों के सामने आने वाली हर उस अड़चन को दूर करने में जुटी है, जो उसे आगे बढ़ने से रोकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुजरात के वलसाड ज़िले में श्रीमद राजचंद्र मिशन धर्मपुर की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल का लोकार्पण हुआ है तो पशुओं के अस्पताल का शिलान्यास हुआ है। महिलाओं के लिए सेंटर फॉर एक्सीलेंसी का निर्माण कार्य भी आज से शुरू हुआ है। इससे गुजरात के ग्रामीणों, गरीबों, हमारी माता और बहनों को बहुत लाभ होगा। आज़ादी के अमृत महोत्सव में देश अपनी उन संतानों को याद कर रहा है, जिन्होंने भारत को गुलामी से बाहर निकालने के लिए प्रयास किए। श्रीमद् राजचंद्र जी ऐसे ही संत थे जिनका एक विराट योगदान इस देश के इतिहास में है। 

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पीएम मोदी ने कहा कि देश की नारीशक्ति को आज़ादी के अमृतकाल में राष्ट्रशक्ति के रूप में सामने लाना हम सभी का दायित्व है। केंद्र सरकार आज बहनों-बेटियों के सामने आने वाली हर उस अड़चन को दूर करने में जुटी है, जो उसे आगे बढ़ने से रोकती है। आज भारत स्वास्थ्य की जिस नीति पर चल रहा है उसमें हमारे आसपास के हर जीव के आरोग्य की चिंता है। भारत मनुष्य-मात्र की रक्षा करने वाले टीकों के साथ ही पशुओं के लिए भी राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान चला रहा है।  

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पीएम मोदी ने कहा कि ये दुर्भाग्य रहा है कि भारत के ज्ञान को, भारत की असली ताकत से देश और दुनिया को परिचित कराने वाले ओजस्वी नेतृत्व को हमनें बहुत ही जल्द खो दिया। पूज्य बापू महात्मा गांधी ने कहा था कि हमें शायद कईं जन्म लेने पड़ेंगे, लेकिन श्रीमद के लिए एक ही जन्म काफी है। अध्यात्म और सामाजिक दायित्व दोनों कैसे एक दूसरे के पूरक हैं, श्रीमद राजचंद्र जी का जीवन इसका प्रमाण रहा है। उन्होंने अध्यात्म और समाजसेवा की भावना को एकीकृत एवं मजबूत किया, इसलिए उनका प्रभाव आध्यात्मिक और सामाजिक हर लिहाज से गहरा था।  

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