पीएम मोदी 16 जनवरी को करेंगे कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत, Co WIN ऐप भी होगा लॉन्च

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 14, 2021   15:00
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पीएम मोदी 16 जनवरी को करेंगे कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत, Co WIN ऐप भी होगा लॉन्च

प्रधानमंत्री मोदी 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे।सूत्रों ने बताया कि इस मौके पर प्रधानमंत्री को-विन (कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क) एप्प भी लांच कर सकते हैं। को-विन भारत सरकार द्वारा विकसित कोविड-19 टीकाकरण वितरण कार्यक्रम का डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसके जरिए देश भर में टीकाकरण वितरण कार्यक्रम की निगरानी की जाएगी।

नयी दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 16 जनवरी को देशव्यापी कोविड-19टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री इस दौरान वीडियो कांफ्रेंस के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों के कुछ स्वास्थ्यकर्मियों के साथ संवाद भी कर सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि इस मौके पर प्रधानमंत्री को-विन (कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क) एप्प भी लांच कर सकते हैं। को-विन भारत सरकार द्वारा विकसित कोविड-19 टीकाकरण वितरण कार्यक्रम का डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसके जरिए देश भर में टीकाकरण वितरण कार्यक्रम की निगरानी की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री 16 जनवरी को देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे। यह विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान होगा। इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रपति कार्यालय से विमर्श के बाद यह निर्णय लिया है कि पोलियो टीकाकरण दिवस, जिसे ’पोलियो रविवार’ के रूप में मनाया जाता है, को बदलकर 31 जनवरी कर दिया जाए।’’

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मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री से संवाद के लिए कुल 2934 टीकाकरण केंद्रों में से सीमित टीकाकरण केंद्रों का चयन किया गया है। इस सिलसिले में अधिकारियों को कहा गया है कि डिजीटल माध्यम से दोतरफा संवाद को सफल बनाने के लिए वे आवश्यक इंतजामात करें। सूत्रों के मुताबिक राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और सफदरजंग अस्पताल के अधिकारियों ने कहा है कि वे दोतरफा संवाद के लिए आवश्क वे सभी इंतजामातों के साथ तैयार हैं। देश में कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान के पहले दिन 16 जनवरी को करीब तीन लाख स्वास्थ्य कर्मियों को 2,934 केंद्रों पर टीके लगाए जाएंगे। प्रत्येक टीकाकरण सत्र में अधिकतम 100 लाभार्थी होंगे।

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सरकार द्वारा खरीदी गई कोविशील्ड और कोवैक्सीन टीके की 1.65 करोड़ खुराकें उनके स्थस्थ्यकर्मियों के आंकडों के अनुसार राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को आवंटित की गई है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘इसलिए किसी भी राज्य से भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं है। यह आरंभिक स्तर पर दी गई खुराक है। इसलिए कम आपूर्ति किए जाने को लेकर जताई जा रही चिंताए निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण हैं।’’ राज्यों को सलाह दी गई है कि वे 10 फीसदी आरक्षित/बर्बाद खुराकों और रोजाना प्रत्येक सत्र में औसतन 100 टीकाकरण को ध्यान में रखते हुए टीकाकरण सत्रों का आयोजन करें। राज्यों से यह भी कहा गया है कि प्रत्येक टीका केंद्र पर हड़बड़ी में तय सीमा से ज्यादा संख्या में लोगों को न बुलाएं। मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को टीकाकरण सत्र स्थलों को बढ़ाने की सलाह दी है और उनके रोजाना संचालन की बात कही है ताकि टीकाकरण प्रक्रिया स्थिर हो सके और आगे सुचारू रूप से बढ़ सके। ज्ञात हो कि पहले चरण में तीन करोड़ लोगों का टीकाकरण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

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इनमें स्वास्थ्यकर्मी और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी शामिल हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ को देश में सीमित आपात इस्तेमाल के लिये भारत के औषधि नियामक की ओर से पिछले दिनों मंजूरी दी गई थी। भारत में टीकाकरण अभियान के लिए 2360 लोगों को राष्ट्रीय स्‍तर के प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें राज्‍य टीकाकरण अधिकारी, प्रशीतन श्रृंखला अधिकारी, आईईसी अधिकारी तथा अन्‍य भागीदार शामिल हैं। इसके अलावा 61 हजार से ज्‍यादा कार्यक्रम प्रबंधन, दो लाख टीकाकरण कर्मी तथा तीन लाख 70 हजार अन्‍य कर्मियों को राज्‍य, जिला और खण्‍ड स्‍तर पर प्रशिक्षित किया जा चुका है।





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क्या चीनी सैनिक की घर वापसी से कम होगा लद्दाख तनाव?

  •  अभिनय आकाश
  •  जनवरी 25, 2021   16:08
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क्या चीनी सैनिक की घर वापसी से कम होगा लद्दाख तनाव?

9 जनवरी को भारतीय सेना ने लद्धाख के चुशूल सेक्टर के गुरुंग हिल के पास से एक चीनी सैनिक को अपने क्षेत्र से पकड़ा। उसने बताया कि वह गलती से भारतीय क्षेत्र में पहुच गया था। भारतीय सेना ने मिलिट्री प्रोफेशनलिज्म का परिचय देते हुए जरूरी फॉर्मेलिटीज करने के बाद चीनी जवान को वापस भेज दिया।

पूर्वी लद्दाख में तनाव को लेकर भारत और चीन के बीच रविवार को कमांडर स्तर की 9वें दौर की वार्ती हुई। यह मीटिंग चीनी सीमा रेखा में स्थित मोल्डो में हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक भारत ने एक बार फिर चीन से पूर्वी लद्दाख में गतिरोध वाली जगहों से अपनी सेनाओं को पीछे हटाने का कहा, ताकि तनाव कम हो।वहीं सिक्कम से दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प की खबर आज सामने आई है। इस झड़प में चीन के 20 सैनिकों के घायल होने की भी खबर है। लेकिन संवाद और विवाद की दो अलग-अलग खबरों के बीच पिछले 8 महीने से लद्दाख में भारत और चीन के बीच चल रहे सैन्य गतिरोध के दौर में एक खबर ऐसी भी है जिससे प्रतीत होता दिख रहा है कि लद्दाख मसला अब नरमी से हल हो जाएगा।  9 जनवरी को भारतीय सेना ने लद्धाख के चुशूल सेक्टर के गुरुंग हिल के पास से एक चीनी सैनिक को अपने क्षेत्र से पकड़ा। उसने बताया कि वह गलती से भारतीय क्षेत्र में पहुच गया था। भारतीय सेना ने मिलिट्री प्रोफेशनलिज्म का परिचय देते हुए जरूरी फॉर्मेलिटीज करने के बाद चीनी जवान को वापस भेज दिया। 

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इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टेंशन कम हो जाएगा यह तो नही पता लेकिन इतना जरूर है कि भारत चीन के बीच जारी संवादों या फिर सैन्य कमांडरों के बीच चलने वाले हॉटलाइन पर इसका सकारात्मक संदेश जाएगा। सूत्रों की मानें तो दो देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद भारतीय सेना के इस पहल से चीनी सैन्य अधिकारियों पर सकारात्मक संदेश गया है। उन्होंने इसके लिए भारत का आभार भी जताया है। 14 कॉर्प्स कमांडर लेफ्टीनेंट जेनरल पी जी के मेनन और दिल्ली के नेतृत्व ने यह फैसला लिया कि चीनी सैनिक को वापस भेज दिया जाए।

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11जनवरी को मोलडो क्रासिंग पर चीनी जवान को वापस सौप दिया गया। भारतीय सेना के इस कदम को सद्भावना वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय सेना ने ऐसी ही सद्भावना पिछले साल अक्टूबर में भी दिखयी थी जब देमचोक सेक्टर से एक चीनी सिपाही पकड़ा गया था। चीन के अंदर सोशल मीडिया पर भी चीनी सैनिक की वापसी को काफी सराहा जा रहा है और इसपर गर्मजोशी से सकारात्मक चर्चा भी हो रही हैं। चीनी सेना ने ऑन रिकॉर्ड  इस पहल के लिए भारीतय सेना की काफी प्रसंसा और सराहना की है। अब इस तरह की प्रसंसा का ग्राउंड पर कितना असर दिखेगा, यह अभी नही कहा जा सकता लेकिन भारतीय सेना ने अक्टूबर से जनवरी 2021 के दौरान अपने सद्भावना भरे कदमों से पीएलए को आश्चर्य चकित जरूर कर दिया।





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आजाद मैदान की किसान रैली में शामिल हुए शरद पवार, बोले- राज्यपाल के पास किसानों से मिलने का वक्त नहीं

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 25, 2021   15:56
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आजाद मैदान की किसान रैली में शामिल हुए शरद पवार, बोले- राज्यपाल के पास किसानों से मिलने का वक्त नहीं

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि मुंबई ने देश की आजादी की लड़ाई में आक्रामक भूमिका निभाई, मुंबई में मजदूर वर्ग एकजुट होकर महाराष्ट्र की मांग के लिए सड़कों पर उतरे, इस बार किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए महाराष्ट्र के सभी कोनों से लोग मुंबई आए हैं।

मुंबई। केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार को मुंबई के आजाद मैदान की रैली में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में किसान पहुंचे हैं। इन किसानों को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने संबोधित किया। शरद पवार के साथ किसानों के प्रदर्शन में महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट भी शामिल हुए।

शरद पवार ने कहा कि मुंबई ने देश की आजादी की लड़ाई में आक्रामक भूमिका निभाई, मुंबई में मजदूर वर्ग एकजुट होकर महाराष्ट्र की मांग के लिए सड़कों पर उतरे, इस बार किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए महाराष्ट्र के सभी कोनों से लोग मुंबई आए हैं। दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के बारे में पवार ने कहा कि यह आंदोलन देश के अबतक के इतिहास का किसी भी विवाद के बिना लंबे समय तक चलने वाला आंदोलन है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शरद पवार ने कंगना रनौत के नाम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पास कंगना रनौत से मिलने का समय है लेकिन उनके पास किसानों से मिलने का वक्त नहीं है। बता दें कि किसान राजभवन तक मार्च निकालने वाले थे लेकिन उन्हें मुंबई पुलिस ने मार्च करने की इजाजत नहीं दी। जिसके बाद अब किसानों का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के लिए राजभवन जाएगा।





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किसान आंदोलन के चलते जाह्नवी कपूर की फिल्म “गुड लक जेरी” की शूटिंग फिर रोकी गई

  •  रेनू तिवारी
  •  जनवरी 25, 2021   15:38
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किसान आंदोलन के चलते जाह्नवी कपूर की फिल्म “गुड लक जेरी” की शूटिंग फिर रोकी गई

इस महीने में दूसरी बार जान्हवी कपूर स्टारर फिल्म 'गुड लक जेरी' की शूटिंग किसान विरोध के कारण फिर से बाधित हुई। प्रदर्शनकारी किसानों का एक गुट पटियाला में शूटिंग स्थल पर पहुंचा और शहर में फिल्म की शूटिंग के खिलाफ नारे लगाए।

पटियाला। इस महीने में दूसरी बार जान्हवी कपूर स्टारर फिल्म 'गुड लक जेरी' की शूटिंग किसान विरोध के कारण फिर से बाधित हुई। प्रदर्शनकारी किसानों का एक गुट पटियाला में शूटिंग स्थल पर पहुंचा और शहर में फिल्म की शूटिंग के खिलाफ नारे लगाए। कार्यक्रम स्थल के सूत्रों के मुताबिक, जो किसान खेत के बिल का विरोध कर रहे थे, उन्होंने मांग की कि जान्हवी अपने होटल से बाहर निकलें और किसानों को उनके विरोध में समर्थन दें। 

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किसानों के एक समूह द्वारा यहां विरोध प्रदर्शन किए जाने के बाद जाह्नवी कपूर की आगामी फिल्म “गुड लक जेरी” की शूटिंग रोक दी गई। घटना शनिवार को सिविल लाइन्स क्षेत्र के पास हुई जब प्रदर्शन कर रहे किसानों ने फिल्म की शूटिंग का विरोध किया। बॉलीवुड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का किसी अभिनेता ने समर्थन नहीं किया।

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राजवंत सिंह संधू ने कहा, “पंजाब में शूटिंग कर रहे फिल्म उद्योग के लोगों से हम कह रहे हैं कि वे कम से कम उन किसानों के समर्थन में बोलें जो कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।” एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम बॉलीवुड अभिनेताओं का इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे किसानों का समर्थन नहीं कर रहे।” कुछ किसान उस होटल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं जहां फिल्म निर्माण दल के सदस्य ठहरे हैं। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।





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