PM मोदी को करनी चाहिए दंगों की निंदा, गहलोत ने पूछा- उनको राष्ट्र के नाम संबोधन में क्या हो सकती है दिक्कत ?

PM मोदी को करनी चाहिए दंगों की निंदा, गहलोत ने पूछा- उनको राष्ट्र के नाम संबोधन में क्या हो सकती है दिक्कत ?
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्र को संबोधन करने में क्या दिक़्कत हो सकती है? उनको इसकी (दंगों की) निंदा करनी चाहिए। उन्होंने लिंचिंग की निंदा की थी, लोगों ने उसका स्वागत किया था... हम जनता के लिए 12 रुपए की दर से बिजली खरीदने के लिए तैयार है।

जयपुर। राजस्थान के करौली और जोधपुर में हुई हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अशोक गहलोत सरकार की जमकर निंदा की है और इस मामलों की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की। इसी बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बयान सामने आया। जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक बार फिर से हिंसा की निंदा करने का अनुरोध करते हुए पूछा कि राष्ट्र के नाम संबोधन करने में क्या दिक्कत है। 

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्र को संबोधन करने में क्या दिक़्कत हो सकती है? उनको इसकी (दंगों की) निंदा करनी चाहिए। उन्होंने लिंचिंग की निंदा की थी, लोगों ने उसका स्वागत किया था... हम जनता के लिए 12 रुपए की दर से बिजली खरीदने के लिए तैयार है, वह भी नहीं मिल रही है।

सीबीआई जांच की उठी मांग

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राजस्थान के जोधपुर और करौली में हुई सांप्रदायिक झड़पों की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रशासन और पुलिस पर दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि मामले में न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया तो वे सड़कों पर उतरेंगे। 

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भाजपा ने डिलीट किया कार्टून

इससे पहले मुख्यमंत्री गहलोत के आपत्तिजनक कार्टून को लेकर प्रदेश की सियासत गर्मा गयी थी। दरअसल, भाजपा ने मुख्यमंत्री गहलोत का आपत्तिजनक कार्टून ट्वीट किया था। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद पार्टी ट्वीट को डिलीट कर दिया था। इस संबंध में मुख्यमंत्री गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा का बयान भी सामने आया था। उन्होंने भाजपा से पूछा था कि यह आलोचना का कौन सा तरीका है ?





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