ED की कार्रवाई को लेकर बोले राहुल गांधी, PM मोदी को लगता है मेरा व्यवहार बदल जाएगा, यह उनके दिमाग की भ्रांति है

Rahul Gandhi
प्रतिरूप फोटो
Twitter
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और माकपा दोनों ही हिंसा में विश्वास करते हैं। उनकी विचारधारा में हिंसा गहराई से निहित है। वे सोचते हैं कि हिंसक होकर, धमकी देकर वे लोगों के व्यवहार को बदल सकते हैं। इसी बीच उन्होंने ईडी की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला।

नयी दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में गांधी स्क्वायर में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगता है कि मुझे 5 दिन ईडी के पास बैठा देंगे तो मैं अपना व्यवहार बदल दूंगा।

इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी का केंद्र से सवाल, किसानों एवं बड़े व्यापारियों के साथ अलग अलग बर्ताव क्यों? 

PM मोदी पर बरसे राहुल गांधी

समाचार एजेंसी एएनआई ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और माकपा दोनों ही हिंसा में विश्वास करते हैं। उनकी विचारधारा में हिंसा गहराई से निहित है। वे सोचते हैं कि हिंसक होकर, धमकी देकर वे लोगों के व्यवहार को बदल सकते हैं। इसी बीच ईडी की कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि मुझे 5 दिन ईडी के पास बैठा देंगे तो मैं अपना व्यवहार बदल दूंगा। ये प्रधानमंत्री के दिमाग में भ्रांति है।

इसे भी पढ़ें: वायनाड कार्यालय पर हुए हमले की राहुल गांधी ने की निंदा, नुपुर विवाद को लेकर BJP और RSS पर साधा निशाना 

राहुल ने हमले की निंदा की

राहुल गांधी कार्यालय में हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह वायनाड के लोगों का कार्यालय है। जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। हिंसा से कभी समस्या का समाधान नहीं होता। ऐसा करने वाले लोगों ने गैर-जिम्मेदाराना तरीके से काम किया। मेरी उनसे कोई दुश्मनी नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में आप सर्वत्र जो विचार देखते हैं वह यह है कि हिंसा से समस्याएं हल हो जाएंगी। लेकिन हिंसा कभी समस्याओं का हल नहीं करती है... ऐसा करना अच्छी बात नहीं है...उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना ढंग से काम किया। लेकिन मेरे मन में उनके प्रति कोई गुस्सा या शत्रुता का भाव नहीं है।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़