PM मोदी ने राष्ट्रीय स्मारक के मॉडल का किया अनावरण, 21 द्वीपों का भी हुआ नामकरण, बोले- नेताजी को भुलाने की हुई कोशिश

National Memorial
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अंकित सिंह । Jan 23, 2023 11:38AM
मोदी ने साफ कहा कि अंडमान की ये धरती वो भूमि है, जिसके आसमान में पहली बार मुक्त तिरंगा फहरा था। सेल्यूलर जेल की कोठरियों से आज भी अप्रतिम पीड़ा के साथ-साथ उस अभूतपूर्व जज़्बे के स्वर सुनाई पड़ते हैं।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 21 सबसे बड़े अनाम द्वीपों का नामकरण 21 परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर करने के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप पर बनने वाले नेताजी को समर्पित राष्ट्रीय स्मारक के मॉडल का अनावरण भी किया। अपने संबोधन में नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन 21 द्वीपों को अब परमवीर चक्र विजेताओं के नाम से जाना जाएगा। आज के इस दिन को आजादी के अमृत काल के एक महतपूर्ण अध्याय के रूप में आने वाली पीढ़ियां याद करेंगी। उन्होंने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए ये द्वीप एक चिरंतर प्रेरणा का स्थल बनेंगे। मैं सभी को इसके लिए बहुत बहुत बधाई देता हूं। मोदी ने साफ कहा कि अंडमान की ये धरती वो भूमि है, जिसके आसमान में पहली बार मुक्त तिरंगा फहरा था। सेल्यूलर जेल की कोठरियों से आज भी अप्रतिम पीड़ा के साथ-साथ उस अभूतपूर्व जज़्बे के स्वर सुनाई पड़ते हैं।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर और देश के लिए लड़ने वाले कई अन्य नायकों को अंडमान की इस भूमि में कैद कर दिया गया था। जब मैं 4-5 साल पहले पोर्ट ब्लेयर गया था, मैंने वहां के 3 मुख्य द्वीपों को भारतीय नाम समर्पित किए थे। उन्होंने कहा कि अंडमान में जिस जगह नेता जी ने सबसे पहले तिरंगा फहराया था वहां आज गगनचुंबी तिरंगा आजादी हिन्द फौज के पराक्रम का गुणगान कर रहा है। समंदर किनारे लहराते तिरंगे को देख, यहां आने वाले लोगों में देशभक्ति का रोमांच बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि नेताजी का स्मारक पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्थल बनेगा। द्वीपों को गुलामी की निशानी से जोड़ कर रखा गया। आजादी के बाद नेताजी को भुला देने का प्रयास हुआ। अंडमान में नेताजी की याद में संग्रहालय पुस्तकालय बनेगा। द्वीपों के नाम करण से गंभीर संदेश गया है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं नेता जी सुभाष और परमवीर चक्र पुरस्कार विजेताओं को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। जिस भूमि पर नेता जी ने सबसे पहले भारत का झंडा फहराया था, आज आजाद हिंद फौज के पराक्रम की सभी प्रशंसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दशकों से नेता जी के जीवन से जुड़ी फाइलों को सार्वजानिक करने की मांग हो रही थी, यह काम भी देश ने पूरी श्रद्धा के साथ आगे बढ़ाया। आज हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने 'कर्तव्य पथ' पर नेताजी की भव्य प्रतिमा हमें हमारे कर्तव्यों की याद दिला रही है। उन्होंने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में नेता जी का स्मारक अब लोगों के दिलों में और अधिक देशभक्ति का संचार करेगा। मोदी ने कहा कि 2019 में लाल किले की प्राचीर से नेता जी को समर्पित एक संग्रहालय का उद्घाटन भी हुआ। साथ ही, पश्चिम बंगाल में भी नेता जी की 125वीं जयंती पर भव्य समारोह हुए। पूरे देश ने इसे बड़े जोश के साथ मनाया।

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