पीएमएलए अदालत ने पार्थ चटर्जी को डिजिटल माध्यम से पेश करने की अनुमति दी

Partha Chatterjee
प्रतिरूप फोटो
Google Creative Commons
कोलकाता की एक पीएमएलए अदालत ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी कथित करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को डिजिटल माध्यम से पेश करने की अनुमति दे दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दोनों को कथित स्कूल भर्ती घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया है।

कोलकाता, 24 अगस्त। कोलकाता की एक पीएमएलए अदालत ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी कथित करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को डिजिटल माध्यम से पेश करने की अनुमति दे दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दोनों को कथित स्कूल भर्ती घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें 31 अगस्त को धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) अदालत के समक्ष पेश किया जाना है। प्रेसीडेंसी सुधार गृह के अधीक्षक द्वारा प्रभारी न्यायाधीश के समक्ष एक याचिका दायर की गई थी कि अधिकारियों को दोनों आरोपियों को पीएमएलए अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश करने के बजाय डिजिटल माध्यम से पेश करने की इजाजत दी जाए।

विशेष अदालत के प्रभारी न्यायाधीश ने सोमवार को आदेश दिया कि पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी, दोनों को 31 अगस्त को उन सुधार गृहों से डिजिटल माध्यम से पेश किया जाए, जिनमें वे बंद हैं। पूर्व मंत्री जहां प्रेसीडेंसी सुधार गृह में न्यायिक हिरासत में हैं, वहीं उनकी कथित करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी अलीपुर के महिला सुधार गृह में हैं। ईडी ने पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) से जुड़े शिक्षक भर्ती घोटाले में कथित धन शोधन की जांच के सिलसिले में जुलाई में गिरफ्तार किया था।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़