जम्मू-कश्मीर में सियासी दलों ने की केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के खिलाफ आरोपों के जांच की मांग

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मई 5, 2021   08:31
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जम्मू-कश्मीर में सियासी दलों ने की केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के खिलाफ आरोपों के जांच की मांग

नेशनल कांफ्रेंस और जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) ने भी मामले के जांच की मांग की है। भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के सचिव और स्ट्रोन क्रशर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रंधावा ने खनन नीति को लेकर जम्मू में जितेन्द्र सिंह के कार्यालय पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

जम्मू |  जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों ने केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के खिलाफ भाजपा नेता और पूर्व विधान पार्षद विक्रम रंधावा द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस ने सिंह के इस्तीफे और आरोपों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

नेशनल कांफ्रेंस और जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) ने भी मामले के जांच की मांग की है। भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के सचिव और स्ट्रोन क्रशर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रंधावा ने खनन नीति को लेकर जम्मू में जितेन्द्र सिंह के कार्यालय पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। रंधावा ने इस मामले को लेकर आत्मदाह करने की भी धमकी दी थी। भाजपा की अनुशासनात्मक समिति ने रंधावा को इस मामले में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।

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कांग्रेस की युवा इकाई के अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कांग्रेस मुख्यालय के सामने एकत्र होकर केन्द्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग की। चिब ने पत्रकारों से कहा, ‘‘रंधावा के सनसनीखेज़ खुलासे ने खनन माफिया और भाजपा की मिलीभगत का भंडाफोड़ कर दिया है। इन आरोपों को लेकर उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।’’ इससे पहले कांग्रेस के पार्षद गौरव चोपड़ा ने कहा कि स्थानीय लोगों को लूटने के लिए सुनियोजित तरीके से खनन और शराब की दुकानों की नीलामी की जाती है। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस समिति ने जितेन्द्र सिंह के इस्तीफे की मांग करते हुए एक बयान जारी कर कहा, ‘‘ शक्तिशाली लोगों के संरक्षण में चलाई जा रही ‘‘हफ्ता संस्कृति’’ की जांच होनी चाहिए। इस मामले में कानून को अपना काम करना चाहिए।’’

कांग्रेस ने कहा कि यह मामला केन्द्र की मोदी सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के लिए एक परीक्षा की घड़ी है, इसलिए जितेन्द्र सिंह को हटाकर एक स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए अन्यथा आम जनता का विश्वास प्रशासन से उठ जायेगा। नेकां ने आरोपों की जांच उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से कराने की मांग की है। पार्टी प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘आरोप और किसी ने नहीं बल्कि भाजपा के प्रदेश सचिव और विधान परिषद के पूर्व सदस्य ने लगाये हैं। यह गंभीर प्रकृति के हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।’’ प्रवक्ता ने बताया कि समयबद्ध तरीके से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के बाद ही सच सामने आएगा। जेकेएपी के प्रांतीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री मंजीत सिंह ने भी कहा कि सच सामने आने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।





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