Prabhasakshi's Newsroom। त्रिपुरा संग्राम को लेकर TMC सांसदों की शाह से मुलाकात। सेंसेक्स में रिकॉर्ड गिरावट

Prabhasakshi's Newsroom। त्रिपुरा संग्राम को लेकर TMC सांसदों की शाह से मुलाकात। सेंसेक्स में रिकॉर्ड गिरावट

त्रिपुरा के मुद्दे को लेकर तृणमूल कांग्रेस के 17 सांसदों ने प्रदर्शन किया और गृह मंत्री अमित शाह से मिलने का वक्त भी मांगा। टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री से उनके आवास में मुलाकात भी की। इस मुलाकात के बाद टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने बताया कि हमने ज्ञापने दिया है। गृह मंत्री ने बोला है कि हिंसा नहीं होगी।

त्रिपुरा मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस के 17 सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विप्लब देव सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। आपको बता दें कि टीएमसी सांसदों ने गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए नारा लगाया कि खेला होबे खेला होबा इस बार दीदी पीएम होबे। हम बात शेयर बाजार की भी करेंगे। आपको बता दें कि सेंसेक्स ने आज रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की है और अंत में चर्चा मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह की करेंगे। परमबीर सिंह सीबीआई के समक्ष पेश होंगे और वो देश में ही मौजूद हैं। 

इसे भी पढ़ें: राजस्थान कांग्रेस में बगावत थमने का नाम नहीं ले रही, सीएम गहलोत ने 6 विधायकों को नियुक्त किया अपना सलाहकार 

TMC प्रतिनिधिमंडल ने शाह से की मुलाकात

त्रिपुरा के मुद्दे को लेकर तृणमूल कांग्रेस के 17 सांसदों ने प्रदर्शन किया और गृह मंत्री अमित शाह से मिलने का वक्त भी मांगा। टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री से उनके आवास में मुलाकात भी की। इस मुलाकात के बाद टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने बताया कि हमने ज्ञापने दिया है। गृह मंत्री ने बोला है कि हिंसा नहीं होगी। हमारी मुख्य मांग थी कि और हिंसा नहीं होनी चाहिए, हमारे लोगों पर फर्जी केस दर्ज़ नहीं होने चाहिए और त्रिपुरा में शांति होनी चाहिए।

इसके अलावा टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि गृह मंत्री ने सब कुछ सुना, अमित शाह ने बोला है कि हमने कल त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के साथ बात की है और आज हमें सुनकर वो वहां से रिपोर्ट लेंगे।

वहीं दूसरी तरफ टीएमसी की युवा नेता सायानी घोष को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब की बैठक को कथित रूप से बाधित करने के कारण गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी नगर निकाय चुनावों के लिए प्रचार करने के मकसद से यहां पहुंचे हैं।

दरअसल, नगर निकाय चुनाव की कुल 334 सीटें हैं। जिनमें से भाजपा ने 112 सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज की है और 222 सीटों के लिए चुनाव होना है। इनमें से टीएमसी 120 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। 

इसे भी पढ़ें: देश में जो परिवर्तन की राजनीति चल रही है, उसे कामयाब बनाएं : मुलायम सिंह यादव 

सेंसेक्स में 1170 अंकों की भारी गिरावट

कृषि कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद सरकार के सुधार उपायों को लेकर चिंता के बीच सेंसेक्स में 1170 अंकों की भारी गिरावट दर्ज हुई। यह करीब सात माह में सेंसेक्स में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। इसके अलावा पेटीएम के शेयर की कमजोर सूचीबद्धता के बाद उसमें गिरावट का सिलसिला आज भी देखने को मिला।

आपको बता दें कि सेंसेक्स 1170 अंकों की गिरावट के साथ 58,465 और निफ्टी 348 अंकों की गिरावट के साथ 17,416 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट आई है। यह दो माह में सेंसेक्स का सबसे निचला बंद स्तर है। 12 अप्रैल के बाद यह एक दिन में सेंसेक्स की सबसे बड़ी गिरावट है। 

इसे भी पढ़ें: राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंत्रियों को विभाग बांटे, गृह और वित्त विभाग खुद रखा 

परमबीर सिंह को SC ने दी राहत

सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को सोमवार को बड़ी राहत देते हुए गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया। इसके साथ ही कोर्ट ने परमबीर सिंह की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार, डीजीपी और सीबीआई को नोटिस जारी किया है। आपको बता दें कि परमबीर सिंह के वकील ने कोर्ट को बताया कि पूर्व पुलिस आयुक्त देश में ही मौजूद हैं। इससे पहले 18 नवंबर को कोर्ट ने परमबीर सिंह को फटकार लगाते हुए एक मामले में गिरफ्तारी से सुरक्षा देने से इनकार कर दिया था।

परमबीर सिंह ने इस याचिका में खुद को आपराधिक मामलों में फंसाने का आरोप लगाया है। परमबीर सिंह ने दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण के अलावा उनसे जुड़े पूरे मामले की सीबीआई जांच का अनुरोध किया है। न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि 6 दिसंबर को इसका जवाब देना होगा। इस बीच याचिकाकर्ता जांच में शामिल होगा और उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।