राष्ट्रपति ने पुडुचेरी के मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद का इस्तीफा किया स्वीकार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 23, 2021   20:05
  • Like
राष्ट्रपति ने पुडुचेरी के मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद का इस्तीफा किया स्वीकार

मुख्य सचिव अश्वनी कुमार ने कहा कि पुडुचेरी सरकार के गजट में अधिसूचना पुर्नप्रकाशित की गयी है। विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले मुख्यमंत्री नारायणसामी के इस्तीफे के कारण सोमव़ार को पुडुचेरी में कांग्रेस सरकार गिर गई।

पुडुचेरी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विधानसभा में विश्वासमत गंवाने के एक दिन बाद पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी और उनकी मंत्रिपरिषद का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी एक अधिसूचना में कहा गया, ‘‘राष्ट्रपति ने पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी समेत उनकी मंत्रिपरिषद का इस्तीफा 22 फरवरी से स्वीकार कर लिया है।’’ पुडुचेरी की उपराज्यपाल के राजनिवास द्वारा अधिसूचना की एक प्रति मीडिया को उपलब्ध करायी गयी। 

इसे भी पढ़ें: पुडुचेरी में सरकार गिरने पर बोले राहुल गांधी, आजाद भारत में पहली बार चुनाव जीतने का मतलब चुनाव हारना है

मुख्य सचिव अश्वनी कुमार ने कहा कि पुडुचेरी सरकार के गजट में अधिसूचना पुर्नप्रकाशित की गयी है। विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले मुख्यमंत्री नारायणसामी के इस्तीफे के कारण सोमव़ार को पुडुचेरी में कांग्रेस सरकार गिर गई। हाल ही में कई कांग्रेस विधायकों और बाहर से समर्थन दे रहे द्रमुक के एक विधायक के इस्तीफे के कारण केन्द्रशासित प्रदेश की सरकार अल्पमत में आ गई थी। नारायणसामी ने उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन से भेंट कर चार सदस्यीय मंत्रिमंडल का इस्तीफा उन्हें सौंपा।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


NCP का आरोप, नाम बदलने की अपनी होड़ में सारी सीमाएं पार कर रही भाजपा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2021   08:27
  • Like
NCP का आरोप, नाम बदलने की अपनी होड़ में सारी सीमाएं पार कर रही भाजपा

राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है जोकि दर्शाता है कि अहमदाबाद में स्टेडियम का नाम बदले जाने को उनकी मंजूरी प्राप्त थी।

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री एवं राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक ने बुधवार को आरोप लगाया कि भाजपा ‘‘सभी हदों को पार करते’’ हुए अब अस्पतालों और स्टेडियमों तक के नाम बदल रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है जोकि दर्शाता है कि अहमदाबाद में स्टेडियम का नाम बदले जाने को उनकी मंजूरी प्राप्त थी। अहमदाबाद में बुधवार को सरदार पटेल स्टेडियम का उद्घाटन हुआ और उसका नाम नरेंद्र मोदी के नाम पर रखा गया। 

इसे भी पढ़ें: किरेन रिजिजू ने मोटेरा स्टेडियम का नामकरण PM मोदी पर करने का किया बचाव, कही यह अहम बात 

मलिक ने कहा कि यह खुशी की बात है कि दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम भारत में बना है। उन्होंने आरोप लगाया, नाम बदलने की अपनी होड़ में भाजपा सारी हदें पार कर रही है। इससे पहले उन्होंने शहरों के नाम बदले और अब तो भारत रत्न से सम्मानित हस्तियों के नाम वाले अस्पतालों और स्टेडियम के नाम तक बदले जा रहे हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


किरेन रिजिजू ने मोटेरा स्टेडियम का नामकरण PM मोदी पर करने का किया बचाव, कही यह अहम बात

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2021   08:18
  • Like
किरेन रिजिजू ने मोटेरा स्टेडियम का नामकरण PM मोदी पर करने का किया बचाव, कही यह अहम बात

खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट करके कहा, ‘‘पूरे खेल परिसर का नाम सरदार पटेल एनक्लेव है। केवल क्रिकेट स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम किया गया है। यह स्टेडियम भी इस परिसर के अंदर है। ’’

नयी दिल्ली। खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को सरदार पटेल क्रिकेट स्टेडियम का नामकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर करने का बचाव करते हुए कहा कि पूरा खेल परिसर अब भी देश के पहले गृहमंत्री के नाम पर है। इस एक लाख 32 हजार दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम का बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उद्घाटन किया। रिजिजू ने ट्वीट करके कहा, ‘‘पूरे खेल परिसर का नाम सरदार पटेल एनक्लेव है। केवल क्रिकेट स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम किया गया है। यह स्टेडियम भी इस परिसर के अंदर है। ’’ 

इसे भी पढ़ें: दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का राष्ट्रपति ने किया उद्घाटन, अब नाम होगा नरेंद्र मोदी स्टेडियम  

उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा आलोचना के संदर्भ में कहा, ‘‘विडंबना देखिये कि जिस ‘परिवार’ ने कभी सरदार पटेल का, यहां तक कि उनके निधन के बाद भी सम्मान नहीं किया, वही अब हो हल्ला मचा रहा है। ’’ रिजिजू ने ट्विटर पर कहा, 2007 में सोनिया गांधी अरूणाचल प्रदेश आई थीं और अरूणाचल विश्वविद्यालय का नाम बदलकर राजीव गांधी विश्वविद्यालय कर दिया। राजीव गांधी पोलिटेक्निक की नींव रखी जबकि इंदिरा गांधी पार्क, राजीव गांधी स्टेडियम, नेहरू म्यूजियम, जवाहर लाल नेहरू कॉलेज है और इसकी सूची अंतहीन है...

पार्टी की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि समस्या सिर्फ इसलिए है क्योंकि सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव में कई सुविधाओं में से एक क्रिकेट स्टेडियम का नाम मोदी के नाम पर रखा गया है। मालवीय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पटलवार करते हुए कहा कि वह भूल गए हैं कि अडानी छोर तब का है जब गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन पर कांग्रेस के नेताओं का कब्जा था। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को याद नहीं है कि देश में 22 बड़े स्टेडियमों का नाम उनके पिता राजीव गांधी, दादी इंदिरा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के नाम पर हैं जो उनके पिता के नाना हैं। 

इसे भी पढ़ें: मोदी के नाम पर स्टेडियम, कांग्रेस ने कहा- अब लौह पुरुष सरदार पटेल को भी वणक्कम ! 

गांधी ने दावा किया कि स्टेडियम का नाम प्रधानमंत्री के नाम पर होने, दो छोर के नाम कार्पोरेट घरानों के नाम पर होने और गृह मंत्री अमित शाह के पुत्र की क्रिकेट प्रशासन में शामिल होने से सच्चाई सामने आ गई है। गांधी ने ‘हम दो हमारे दो’ हैशटैग के साथ ट्वीट किया, ‘‘सच कितनी खूबी से सामने आता है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम-अडाणी छोर- रिलायंस छोर। जय शाह की अध्यक्षता।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


दिल्ली में 15 साल में सबसे गर्म दिन रहा बुधवार, तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2021   08:09
  • Like
दिल्ली में 15 साल में सबसे गर्म दिन रहा बुधवार, तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं हवा में आर्द्रता का स्तर 100 फीसदी दर्ज किया गया।

दिल्ली। दिल्ली में बीते 15 साल में फरवरी महीने में बुधवार सबसे गर्म दिन रहा। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार सुबह मौसम गर्म रहने के साथ ही उमस भरा रहा और हवा में आर्द्रता का स्तर 100 फीसदी तक दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। 

इसे भी पढ़ें: दिल्ली ने सुबह सुबह ओढ़ ली घने कोहरे की चादर, ठंड बढ़ी 

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं हवा में आर्द्रता का स्तर 100 फीसदी दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान मंगलवार को 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 

इसे भी पढ़ें: दिल्ली में सुबह छाया रहा घना कोहरा, न्यूनतम तापमान 10.7 डिग्री सेल्सियस हुआ दर्ज 

आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में पिछली बार सबसे अधिक तापमान 2006 में दर्ज किया गया जब पारा 34.1 डिग्री सेल्सियस रहा था। साल 2009 से 2020 के बीच फरवरी के महीने में सबसे अधिक पारा 2017 में 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2020 में अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, 2019 में 28.1 और 2018 में 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept