बड़ा खुलासाः यूपी के लड़कों से जबरन कराया जा रहा था कश्मीर में पथराव

Promised jobs in Kashmir, two youths from UP forced to pelt stones in the Valley
जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी के ‘यूपी कनेक्शन’ का संदेह उभरा है। रोजगार के लिये पुलवामा गये बागपत और सहारनपुर जिले के कुछ नौजवानों ने उनसे पत्थरबाजी में शामिल होने के लिये कहे जाने का आरोप लगाया है।

लखनऊ। जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी के ‘यूपी कनेक्शन’ का संदेह उभरा है। रोजगार के लिये पुलवामा गये बागपत और सहारनपुर जिले के कुछ नौजवानों ने उनसे पत्थरबाजी में शामिल होने के लिये कहे जाने का आरोप लगाया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने गुरुवार को बताया कि सहारनपुर और बागपत जिलों के रहने वाले छह लड़के सिलाई का काम करने के लिये पुलवामा गये थे। उन्हें वहां 20 हजार रुपये प्रति माह वेतन पर काम करने के लिये रखा गया था, लेकिन उनका आरोप है कि उनसे वहां पत्थरबाजी का काम भी लिया जाता था। उससे त्रस्त होकर वे लोग लौट आये।

उन्होंने कहा ‘‘लेकिन दूसरा पक्ष यह भी है कि वे युवा अपने साथ सिलाई की डिजायन भी लेकर आये हैं। ऐसे में हम इसे बहुत विवेकपूर्ण तरीके से देखेंगे और इसमें एटीएस जांच करेगी। हम अभी इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं कि इन लोगों ने पत्थरबाजी की है या नहीं।''

इस बीच, पुलवामा से लौटकर आये बागपत निवासी एक युवक ने दावा किया है कि उसे तथा कुछ अन्य लड़कों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह पर सिलाई का काम कराने के लिये बुलाया गया था। कुछ दिन तक तो सब ठीक रहा, मगर कुछ दिन बाद दूसरे कामों में लगा दिया गया। हमसे पथराव भी कराया जाता था।

बागपत के पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश ने बताया कि पुलवामा से लौटकर आये एक अन्य युवक ने पूछताछ में बताया है कि उन्हें फैक्ट्री में रखा गया था। एक बार वहां कोई घटना हुई तो वहां काम कर रहे मजदूर पत्थरबाजी में शामिल हो गये थे। उससे भी ऐसा करने को कहा गया तो उन्होंने मना कर दिया और वहां से भाग आये। सहारनपुर के एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि लगभग सात-आठ युवक कश्मीर गये थे और युवकों द्वारा किये जा रहे सभी दावों की गहराई से जांच कराई जा रही है।

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