• पंजाब सरकार ने पिछले चार सालों में  एस.सी. और बी.सी. नौजवानों का 52 करोड़ का  कर्ज माफ किया

पंजाब सरकार ने पिछले लगभग चार सालों के समय के दौरान राज्य के 10,069 एस.सी. और बी.सी. नौजवानों को 10,593.28 लाख रुपए के पंजाब सरकार ने पिछले चार सालों में  एस.सी. और बी.सी. नौजवानों का 52 करोड़ का  कर्ज माफ किया मुहैया करवाए हैं, जबकि 15,890 एस.सी. और बी.सी. नौजवानों के 52 करोड़ के पंजाब सरकार ने पिछले चार सालों में  एस.सी. और बी.सी. नौजवानों का 52 करोड़ का  कर्ज माफ किया माफ किए हैं।

पंजाब सरकार ने पिछले लगभग चार सालों के समय के दौरान राज्य के 10,069 एस.सी. और बी.सी. नौजवानों को 10,593.28 लाख रुपए के पंजाब सरकार ने पिछले चार सालों में एस.सी. और बी.सी. नौजवानों का 52 करोड़ का कर्ज माफ किया मुहैया करवाए हैं, जबकि 15,890 एस.सी. और बी.सी. नौजवानों के 52 करोड़ के पंजाब सरकार ने पिछले चार सालों में एस.सी. और बी.सी. नौजवानों का 52 करोड़ का कर्ज माफ किया माफ किए हैं। पंजाब के सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री स. साधु सिंह धर्मसोत ने बताया कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अपने लगभग 4 सालों के कार्यकाल के दौरान 8662 योग्य और ज़रूरतमंद एस.सी. नौजवानों को 8202.26 लाख के पंजाब सरकार ने पिछले चार सालों में एस.सी. और बी.सी. नौजवानों का 52 करोड़ का कर्ज माफ कियामुहैया करवाए हैं। इसी तरह 1407 बी.सी. नौजवानों को 2391.02 लाख के कजऱ्े मुहैया करवाए हैं।स. धर्मसोत ने बताया कि पंजाब राज्य अनुसूचित जातियों भूमि विकास और वित्त निगम और पंजाब राज्य पिछड़ी श्रेणियां भूमि विकास और वित्त निगम का 50-50 तक का कजऱ् माफ किया है। उन्होंने बताया कि पंजाब के अनुसूचित जाति वर्ग से सम्बन्धित कुल 14,260 लाभार्थी नौजवानों का 45.41 करोड़ रुपए का कजऱ् माफ करके कजऱ्दारों को बड़ी राहत दी है।

इसी तरह पंजाब के पिछड़ी श्रेणियों से सम्बन्धित कुल 1630 लाभार्थी नौजवानों का 6.59 करोड़ का कजऱ् माफ किया है।सामाजिक न्याय मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने जरूरतमंद और योग्य कजऱ् लेने के इच्छुक नौजवानों की सुविधा को मुख्य रखते हुए कजऱ् मामलों के जल्द निपटारे के लिए 1 लाख रुपए तक के कजऱ् मंज़ूर करने का अधिकार जि़ला स्तर पर एस.सी. और बी.सी. निगमों के जि़ला मैनेजरों को दिए हैं। इसी तरह जि़ला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी में संशोधन करके सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक अधिकारी की अध्यक्षता अधीन नई कमेटी गठित की गई है, जिससे लोगों को जल्द कजऱ् मुहैया करवाया जा सके।स. धर्मसोत ने बताया कि एस.सी. और बी.सी. निगमों का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जातियों और पिछड़ी श्रेणियों से सम्बन्धित बेरोज़गार नौजवानों को कम ब्याज दर पर स्व-रोजग़ार धंधे जैसे डेयरी फार्म, किराना दुकान, कपड़े की दुकान, शटरिंग का काम, लकड़ी का काम, उच्च विद्या के लिए कजऱ् कम ब्याज दर पर मुहैया करावाना है, जिससे इनके आर्थिक स्तर को ऊपर उठाया जा सके और इनको गरीबी रेखा से बाहर निकाला जा सके।

स. धर्मसोत ने आगे बताया कि एस.सी. कॉर्पोरेशन ने वर्ष 2020-2021 के दौरान कोविड के कठिन समय के दौरान भी 2116 लाभार्थियों को 2293.73 लाख की वित्तीय सहायता दी है। चालू वित्तीय वर्ष 2021-2022 के दौरान एस.सी. कॉर्पोरेशन द्वारा 1400 कजऱ्दारों को 40 करोड़ के वितरण का लक्ष्य निश्चित किया गया था, इसके अंतर्गत अब तक 634 लाभार्थियों को 760.84 लाख के कर्ज बाँटे जा चुके हैं। इसी तरह बी.सी. कॉर्पोरेशन ने वर्ष 2020-2021 के दौरान 446 लाभार्थियों को 769.64 लाख की वित्तीय सहायता दी है। चालू वित्तीय वर्ष 2021-2022 के दौरान बी.सी. कॉर्पोरेशन द्वारा 614 कजऱ्दारों को 934.02 करोड़ के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, इसके अंतर्गत अब तक 47 लाभार्थियों को 82.40 लाख के कजऱ्े मुहैया किए जा चुके हैं।