खटीमा से ही चुनाव लड़ेंगे पुष्कर सिंह धामी, कहा- अबकी बार 60 बार

खटीमा से ही चुनाव लड़ेंगे पुष्कर सिंह धामी, कहा- अबकी बार 60 बार

बताया जा रहा है कि दिल्ली में केंद्रीय संसदीय बोर्ड ही आगामी चुनाव को लेकर उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम निर्णय लेगा। आपको बता दें कि उत्तराखंड में विधानसभा की 70 सीटें हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच मानी जा रही है।

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज है। 14 फरवरी को यहां मतदान होने है। इन सबके बीच के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा बयान दिया है। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मैं खटीमा से ही चुनावी मैदान में उतरूंगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि हम सब एक साथ हैं और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उत्तराखंड चुनाव को लेकर पुष्कर सिंह धामी ने नारा दिया है अबकी बार 60 पार। उम्मीदवारों की सूची को लेकर पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जल्द ही यह जारी कर दी जाएगी।

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आपको बता दें कि इससे पहले राज्य के चुनाव समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है। बैठक में कई नामों पर मंथन किया गया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में केंद्रीय संसदीय बोर्ड ही आगामी चुनाव को लेकर उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम निर्णय लेगा। आपको बता दें कि उत्तराखंड में विधानसभा की 70 सीटें हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच मानी जा रही है। हालांकि आम आदमी पार्टी भी यहां अपना दमखम लगा रही है। उत्तराखंड के चुनावी नतीजे 10 मार्च को ही आएंगे। कोरोना महामारी की चुनौती के बीच उत्तराखंड में 14 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच एक बार फिर कड़ी टक्कर होने की संभावना है।

हालांकि, जानकारों का मानना है कि पहली बार राज्य में चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी (आप) भी कुछ सीटों पर दोनों दलों के समीकरणों को प्रभावित कर सकती। इसके अलावा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और पृथक राज्य आंदोलन की अगुआ रही उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) भी अपना खोया प्रभाव दोबारा पाने के प्रयास में हैं। पांच साल में तीसरे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही भाजपा के सामने सबसे बडी चुनौती यह मिथक तोड़ने की है जिसमें नवंबर 2000 में अस्तित्व में आए उत्तराखंड की जनता ने कभी भी किसी राजनीतिक दल को दोबारा सत्ता नहीं सौंपी है। वर्ष 2017 में 70 सदस्यीय विधानसभा में 57 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाने वाली भाजपा ने इस बार 60 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 





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