तृणमूल सांसद का सवाल, कोरोना मरीजों ने लॉकडाउन के दौरान यात्रा क्यों की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 24, 2020   15:04
तृणमूल सांसद का सवाल, कोरोना मरीजों ने लॉकडाउन के दौरान यात्रा क्यों की

एक कॉन्स्टेबल में कोरोना वायरस के लक्षण नजर आने के बाद बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल के एक सरकारी अस्पताल में उसके नूमने की जांच की गई। घोष ने बताया कि जांच में संक्रमित पाए जाने के बाद उसे उलूबेरिया के कोविड-19 के लिए चिह्नित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

नयी दिल्ली। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के नौ कर्मियों के दिल्ली से पश्चिम बंगाल लौटने के बाद कोविड-19 की जांच में संक्रमित पाए जाने पर तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओब्रायन ने शुक्रवार को सवाल किया कि इन सभी ने घातक वायरस को फैलने से रोकने के मद्देनजर लागू राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान यात्रा क्यों की। दक्षिण पूर्व रेलवे के प्रवक्ता संजय घोष ने कहा कि ये कर्मी रेलवे के खड़़गपुर मंडल के 28 सदस्यीय आरपीएफ दस्ते का हिस्सा थे जो पार्सल एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर हथियारों एवं गोला-बारूदों के माल के साथ 14 अप्रैल को दिल्ली से लौटा था।

एक कॉन्स्टेबल में कोरोना वायरस के लक्षण नजर आने के बाद बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल के एक सरकारी अस्पताल में उसके नूमने की जांच की गई। घोष ने बताया कि जांच में संक्रमित पाए जाने के बाद उसे उलूबेरिया के कोविड-19 के लिए चिह्नित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही बताया कि आठ अन्य भी जांच में संक्रमित पाए गए। इस पर चिंता जाहिर करते हुए तृणमूल सांसद ने ट्वीट किया, “ परेशान करने वाली खबरें आ रही हैं। बंगाल में आरपीएफ के नौ कर्मी संक्रमित पाए गए हैं। खड़गपुर में छह, मेचेदा और उलूबेरिया में एक-एक मामला है। ये सभी 14 अप्रैल को ट्रेन से दिल्ली से कोलकाता आए थे। संक्रमित मरीज लॉकडाउन के दौरान यात्रा क्यों कर रहे थे।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...