राफेल आने पर राहुल ने वायुसेना को दी बधाई, सरकार से फिर पूछे पुराने सवाल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जुलाई 29, 2020   21:33
राफेल आने पर राहुल ने वायुसेना को दी बधाई, सरकार से फिर पूछे पुराने सवाल

निर्विवाद ट्रैक रिकॉर्ड वाले इन राफेल विमानों को दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। फ्रांस के बोरदु शहर में स्थित मेरिगनेक एयरबेस से 7,000 किलोमीटर की दूरी तय करके ये विमान आज दोपहर हरियाणा में स्थित अंबाला वायु सेना अड्डे पर उतरे।

नयी दिल्ली।  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल विमानों की पहली खेप के भारत आने पर, बुधवार को वायुसेना को बधाई दी और सवाल किया कि एक विमान की कीमत 526 करोड़ रुपये के बजाय 1670 करोड़ रुपये क्यों अदा की गई ? उन्होंने यह सवाल भी किया कि 126 विमान के बजाय 36 विमान क्यों खरीदे गए और 30 हजार करोड़ रुपये का ठेका हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के बजाय एक उद्योगपति को क्यों दिया गया?

गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘राफेल के लिए वायुसेना को बधाई। इस बीच, सरकार इसका जवाब दे सकती है कि प्रति विमान 526 करोड़ रुपये के बजाय 1670 करोड़ रुपये की कीमत क्यों पड़ी ?कुल 126 विमानों के बजाय 36 विमान क्यों खरीदे गए? हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के बजाय दिवालिया हो चुके अनिल को 30 हजार करोड़ रुपये का ठेका क्यों दिया गया?’’ गौरतलब है कि नये और अत्याधुनिक पांच राफेल लड़ाकू विमानों का बेड़ा आज अंबाला एयर बेस पहुंच गया। 

इसे भी पढ़ें: राफेल सौदा: राजनीतिक दोषारोपण से लेकर राफेल के भारतीय धरती पर उतरने तक का सफर

इन विमानों के वायुसेना में शामिल होने के बाद देश को आस-पड़ोस के प्रतिद्वंद्वियों की हवाई युद्धक क्षमता पर बढ़त हासिल हो जाएगी। निर्विवाद ट्रैक रिकॉर्ड वाले इन राफेल विमानों को दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। फ्रांस के बोरदु शहर में स्थित मेरिगनेक एयरबेस से 7,000 किलोमीटर की दूरी तय करके ये विमान आज दोपहर हरियाणा में स्थित अंबाला वायु सेना अड्डे पर उतरे।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।