आदिवासी सत्याग्रह रैली में बोले राहुल गांधी, जिस 'मनरेगा' को रद्द करना चाहती थी BJP, कोरोना में वही आया काम

आदिवासी सत्याग्रह रैली में बोले राहुल गांधी, जिस 'मनरेगा' को रद्द करना चाहती थी BJP, कोरोना में वही आया काम
ANI

आदिवासी सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा सत्ता में आई। प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में मनरेगा का मजाक उड़ाया, कहते हैं कि मैं इसे रद्द करना चाहता हूं परन्तु नहीं करूंगा ताकि जनता को याद रहे कि कांग्रेस ने क्या किया था.. कोविड के समय अगर मनरेगा नहीं होता तो देश की हालत आपको मालूम है।

गुजरात में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस की सियासी जमीन को मजबूत करने के इरादे से राहुल गांधी ने गुजरात के दाहोद में जनसभा की। राहुल ने आदिवासी सत्याग्रह रैली को संबोधित किया। गुजरात प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने तीर-कमान व पारंपरिक पोशाक पहनाकर राहुल गांधी का स्वागत किया। इस दौरान राहुल ने कहा कि आदिवासी समुदाय के अधिकारों की लड़ाई में कांग्रेस पार्टी आदिवासी समुदाय के साथ एकजुट होकर खड़ी है। हमने छत्तीसगढ़ में कहा कि किसानों का कर्ज़ा माफ होगा और धान 2050 प्रति क्विंटल सरकार खरीदेगी। हमने जो कहा था वो करके दिखाया। हम आपसे मिलकर समझना चाहते हैं कि आदिवासियों के लिए क्या करना है।

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आदिवासी सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा सत्ता में आई। प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में मनरेगा का मजाक उड़ाया, कहते हैं कि मैं इसे रद्द करना चाहता हूं परन्तु नहीं करूंगा ताकि जनता को याद रहे कि कांग्रेस ने क्या किया था... कोविड के समय अगर मनरेगा नहीं होता तो देश की हालत आपको मालूम है। जल, जंगल, जमीन आदिवासियों के बुनियादी हक हैं, जिन पर भाजपाई हुकूमत डाका डाल रही है। मगर कांग्रेस ने भी चट्टान बनकर आदिवासियों के हितों की रक्षा का वचन लिया है।

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राहुल ने कहा कि कांग्रेस ने ये तय कर लिया है कि आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन के अधिकार के लिए जितनी जोरदार लड़ाई लड़नी पड़े, हम लड़ेंगे। आज गुजरात के दाहोद से इसकी ललकार उठ चुकी है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने अपना वादा निभाया और आदिवासियों से 4000 रुपये प्रति बोरी पर तेंदूपत्ता खरीदा। बीजेपी गुजरात में आदिवासियों से किए गए अपने किसी भी वादे को पूरा क्यों नहीं कर पाई?





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