वंशवाद के सवाल पर बोले राहुल, मेरे परिवार से 30-35 वर्ष पहले बना था प्रधानमंत्री

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 13, 2021   08:37
वंशवाद के सवाल पर बोले राहुल, मेरे परिवार से 30-35 वर्ष पहले बना था प्रधानमंत्री

उन्होंने शिकागो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दीपेश चक्रवर्ती के साथ डिजिटल संवाद के दौरान कई मुद्दों पर बातचीत की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘सपने बेचने का’ आरोप लगाया।

नयी दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वंशवाद के सवाल पर शुक्रवार को कहा कि पिछले 30-35 साल से उनके परिवार से कोई प्रधानमंत्री नहीं बना और संप्रग की सरकार में भी उनके परिवार से कोई व्यक्ति शामिल नहीं था। उन्होंने शिकागो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दीपेश चक्रवर्ती के साथ डिजिटल संवाद के दौरान कई मुद्दों पर बातचीत की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘सपने बेचने का’ आरोप लगाया।

वंशवाद से जुड़े सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मेरे परिवार से आखिरी बार 30-35 साल पहले प्रधानमंत्री बने थे। संप्रग सरकार में मेरे परिवर से कोई शामिल नहीं था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं कुछ मूल्यों के लिए लड़ता हूं। आप यह नहीं कह सकते कि मैं राजीव गांधी का पुत्र हूं तो मैं इन मूल्यों के लिए क्यों नहीं लड़ सकता।’’ लोकतंत्र से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘आधुनिक युग में महात्मा गांधी, बी आर आंबेडकर, जवाहर लाल नेहरू और मौलाना आजाद ने कुछ विचार दिए थे कि भारतीय लोकतंत्र किस तरह का होना चाहिए।’’ 

इसे भी पढ़ें: रक्षा मामलों की संसदीय समिति का फैसला, पैंगोंग झील और गलवान घाटी का करेंगे दौरा

दुनिया के विभिन्न देशों में ‘स्ट्रॉन्ग लीडर’ (शक्तिशाली नेता) के रूप में कुछ नेताओं के उभरने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि लोगों की परेशानी के बीच कोई नेता आता है और कहता है कि वह हर समस्या का समाधान करेगा, लेकिन वह समस्या का समाधान नहीं कर पाता है। किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री कुछ उद्योगपतियों के फायदे के लिए ये कानून लाए हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...