मुख्यमंत्री गहलोत ने बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया, बोले- जलभराव की स्थिति को लेकर सरकार गंभीर

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आकलन कर नियमानुसार प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को शीघ्र भिजवाएं, ताकि समय पर प्रभावितों को राहत पहुंचाई जा सके। गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार जलभराव की स्थिति को लेकर गंभीर है। सरकार संकट की इस घड़ी में जनता के साथ खड़ी है।

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बृहस्पतिवार को राज्‍य के बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया और प्रभावित लोगों से म‍िले। उन्होंने अधिकारियों से नुकसान का जल्द आकलन करने के निर्देश दिए। गहलोत शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित धौलपुर व करौली जिलों का दौरा करेंगे। वहीं, भारतीय वायुसेना व राज्‍य आपदा मोचन बल की टीम ने 742 और लोगों को बृहस्पतिवार को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। एक आधिकारिक प्रवक्‍ता ने बताया कि मुख्‍यमंत्री गहलोत ने राज्‍य में भारी वर्षा से प्रभावित बूंदी, कोटा और बारां जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव व राहत कार्यों के बारे में जानकारी लेकर फसल, पशुओं तथा सार्वजनिक एवं निजी सम्पत्ति को हुए नुकसान का शीघ्र आकलन कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

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गहलोत ने कहा कि आकलन कर नियमानुसार प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को शीघ्र भिजवाएं, ताकि समय पर प्रभावितों को राहत पहुंचाई जा सके। गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार जलभराव की स्थिति को लेकर गंभीर है। सरकार संकट की इस घड़ी में जनता के साथ खड़ी है। राहत एवं बचाव कार्यों में कोई कमी नहीं आएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिकता के साथ राहत पहुंचाने का कार्य किया जाए। उन्होंने आश्रय स्थलों पर की जा रही व्यवस्थाओं को जल निकासी तक जारी रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सूझ-बूझ से जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में कोई जनहानि नहीं हुई है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से रूबरू होकर जल भराव से उत्पन्न स्थिति और आश्रय स्थल पर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री के साथ चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा, स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल, गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया, विधायक रामनारायण मीणा एवं भरत सिंह ने हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने कोटा शहर में चम्बल नदी के आस-पास के क्षेत्रों, सांगोद, ईटावा, दीगोद व कनवास क्षेत्र में जल भराव स्थलों का सर्वेक्षण किया। अधिकारी ने कहा कि गहलोत को झालावाड़ जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी करना था, लेकिन खराब मौसम के कारण इसे रद्द कर दिया गया।

गहलोत शुक्रवार को धौलपुर व करौली जिले में अतिवृष्टि प्रभावित इलाकों का सर्वे करेंगे और प्रभावित लोगों से मिलेंगे। इस बीच वायुसेना और राज्‍य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ की टीम ने बृहस्पतिवार को 742 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। आपदा प्रबंधन व राहत विभाग के सचिव आशुतोष पेडनेकर ने कहा, बचाव अभियान चलाकर धौलपुर, कोटा और करौली में 642 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। 10 लोगों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर से धौलपुर से निकाला गया। राज्य के अन्य हिस्सों में 100 अन्य लोगों को बचाया गया।

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मौसम विभाग ने कहा है कि अगले चार-पांच दिनों के दौरान राज्य में भारी बारिश की संभावना नहीं है हालांकि कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बुधवार के बाद से राज्य में कहीं भी भारी बारिश दर्ज नहीं की गई है। बृहस्पतिवार को शाम 5.30 बजे तक बाड़मेर में 13.7 मिमी., गंगानगर में 8.4 मिमी. और बारां जिले के अंता में 3.5 मिमी. बारिश दर्ज की गई।

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