राम मंदिर के लिये कयामत तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा: भाजपा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 18, 2018   16:46
राम मंदिर के लिये कयामत तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा: भाजपा

उन्होंने कहा, राम मंदिर मामले में विचार-विमर्श का दौर जारी है। इस मंदिर के लिये कयामत तक इंतजार नहीं करना होगा। हमें उम्मीद है कि यह मामला जल्द सुलझेगा।

इंदौर। भाजपा ने रविवार को कहा कि अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर उनका मंदिर बनाने के मसले में उसकी केंद्र सरकार "मर्यादा" का पालन कर रही है और लोगों को इस देवालय का निर्माण होते देखने के लिये कयामत तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने इंदौर प्रेस क्लब में संवाददाताओं से कहा, "राम मंदिर मामला फिलहाल शीर्ष न्यायालय में लम्बित है। हिंदू हों या मुस्लिम, पूरे देश के लोग चाहते हैं कि इस मामले में जल्द फैसला हो। भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है। राम मंदिर मामले में हमारी सरकार भी मर्यादा के रास्ते पर चल रही है।" 

उन्होंने कहा, "राम मंदिर मामले में विचार-विमर्श का दौर जारी है। इस मंदिर के लिये कयामत तक इंतजार नहीं करना होगा। हमें उम्मीद है कि यह मामला जल्द सुलझेगा।" हुसैन ने कहा कि राम मंदिर मामले में संसद में कानून बनाने से लेकर आपसी बातचीत से इस मसले को सुलझाने तक के सारे रास्ते नरेंद्र मोदी सरकार के लिये खुले हैं। भाजपा प्रवक्ता ने अमृतसर में एक धार्मिक सभा में ग्रेनेड हमले में तीन लोगों की मौत पर शोक जताते हुए इस वारदात में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के हाथ का संदेह जताया। 

उन्होंने कहा, "लगता है कि जम्मू-कश्मीर के बाद पाकिस्तान पंजाब में भी आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है। लेकिन वह अपने नापाक मंसूबों में कभी कामयाब नहीं हो सकेगा।" उत्तरप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा सियासी फायदे के लिये शहरों के नाम बदले जाने के विपक्षी दलों के आरोपों पर हुसैन ने कहा, "विदेशी आक्रांताओं और अंग्रेजों ने नाइंसाफी करते हुए हमारे शहरों के प्राचीन नाम बदले थे। हमने देश की सांस्कृतिक विरासत के साथ इंसाफ करते हुए शहरों को उनके प्राचीन नाम लौटाये हैं।" 

मुस्लिम टोपी पहनने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित परहेज का सबब पूछे जाने पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "प्रधानमंत्री को किसी भी चीज से कोई परहेज नहीं है। लेकिन पहले इस सवाल का जवाब दिया जाना चाहिये कि टोपी इबादत के लिये होती है या सियासी इस्तेमाल के लिये ?"





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।