रमन सिंह ने स्वीकारी हार, कहा- इसके लिए मोदी नहीं, मैं जिम्मेदार

By अंकित सिंह | Publish Date: Dec 11 2018 5:51PM
रमन सिंह ने स्वीकारी हार, कहा- इसके लिए मोदी नहीं, मैं जिम्मेदार
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रमन ने छत्तीसगढ़ की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि हमसे जनता की जितनी सेवा हो सकती थी, हमने करने की कोशिश की। रमन ने कहा कि हम एक सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाने को तैयार हैं।

छत्तीसगढ़ के चुनावी नतीजों को स्वीकार करते हुए रमन सिंह ने कहा कि हमने यह चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़ा था। उन्होंने इस हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि इन नतीजों को लोकसभा चुनाव से जोड़कर ना देखा जाए। 

भाजपा को जिताए


 
रमन ने छत्तीसगढ़ की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि हमसे जनता की जितनी सेवा हो सकती थी, हमने करने की कोशिश की। रमन ने कहा कि हम एक सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाने को तैयार हैं। रमन सिंह ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा दे दिया है।


 
उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने जो जनादेश दिया है उसका हम सब सम्मान करते हैं। जनता जनार्दन ने कांग्रेस के पक्ष में समर्थन दिया। उसके लिए कांग्रेस को बधाई देता हूं और जनता से किए गए वादों को निभाने के लिए कांग्रेस पार्टी को अपनी ओर से शुभकामनाएं देता हूं। जो वादा उन्होंने किया है, उसे निभाएं।
 


सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को लगातार 15 वर्ष तक अवसर दिया और मुझे 15 साल तक छत्तीसगढ़ की सेवा करने का अवसर मिला। इसको मैं अपना सौभाग्य मानता हूं। इसके लिए राज्य की ढाई करोड़ जनता को धन्यवाद देना चाहता हूं। जो सबसे अच्छा हो सकता था उसको करने का काम हमने किया और छत्तीसगढ़ के आम आदमी के जीवन में जो परिवर्तन किया जा सकता है, उन नीतियों को क्रियान्वित करने का अवसर मिला।
 
 
रमन सिंह ने कहा कि यह चुनाव मेरे नेतृत्व में लड़ा गया था। इसलिए इस हार की नैतिक जवाबदारी मैं स्वयं लेता हूं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता के साथ मिलकर हम सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। 15 साल हमने काम किया, अब नई भूमिका में उतनी ही प्रखरता और मजबूती के साथ छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा करेंगे। सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता का जितना प्रेम और समर्थन मिला, मैं जीवन भर काम करता रहूंगा तब भी मैं उस ऋण को नहीं चुका पाउंगा।
 
रमन सिंह ने कहा कि पार्टी हार की समीक्षा करेगी। यह राज्य सरकार का चुनाव था। उसकी नीतियों और कार्यक्रम के आधार पर चुनाव लड़ा गया। यह दिल्ली का चुनाव नहीं था, वह चुनाव 2019 में होगा। लोकसभा चुनाव में इस चुनाव का असर नहीं पड़ेगा। छत्तीसगढ़ में 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए 12 और 20 नवंबर को मतदान हुआ था। आज वोटों की गिनती में कांग्रेस बड़ी जीत की ओर अग्रसर है।
 

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