उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने रामायण को बताया मानव जाति की धरोहर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 30, 2019   08:55
उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने रामायण को बताया मानव जाति की धरोहर

उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू ने कहा कि रामायण लोगों को याद दिलाता है कि समाज और देशहित में काम करना लोगों का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि राम राज्य के साकार होने का इंतजार है।

नयी दिल्ली। उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू ने रविवार को रामायण को संपूर्ण मानव जाति की धरोहर बताते हुए इस अमर महाकाव्य के संरक्षण, प्रचार और इसे लेकर लोगों की समझ बढ़ाने का आह्वान किया। नायडू ने कहा कि रामायण लोगों को दुनिया, समाज और परिवार के प्रति उनके कर्तव्यों की याद दिलाता है। यह मनुष्य का मनुष्य से, धरती मां से, पक्षियों तथा पशुओं के साथ उसके संबंधों को भी परिभाषित करता है। उन्होंने कहा कि रामायण लोगों को याद दिलाता है कि समाज और देशहित में काम करना लोगों का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि  राम राज्य के साकार होने का इंतजार है। 

इसे भी पढ़ें: सभी को अपने जीवन में रामायण के मूल्यों को करना चाहिए आत्मसात: अमित शाह

उपराष्ट्रपति ने यह बातें यहां श्रीराम भारतीय कला केंद्र के नृत्य नाटिका  श्रीराम के शुभारंभ के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कहीं। उपराष्ट्रपति ने लोगों से कहा कि वे प्रतिदिन प्रदूषण को नियंत्रित करने, पानी की बचत करने या पर्यावरण के संरक्षण और दुनिया को बेहतर बनाने के लिए छोटे-छोटे कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि राम राज्य के साकार होने का इंतजार है। हमारा सबसे छोटे से छोटा योगदान भी आदर्श रामराज्य को साकार करने में मदद करेगा, जो कि वास्तव में एक प्रबुद्ध नैतिक लोकतांत्रिक समाज है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...