18 सांसदों के साथ उद्धव ठाकरे पहुंचे रामलला के द्वार

  •  अभिनय आकाश
  •  जून 16, 2019   11:15
  • Like
18 सांसदों के साथ उद्धव ठाकरे पहुंचे रामलला के द्वार

शिवसेना का कहना है कि राम मंदिर का मुद्दा चुनावी हार-जीत से नहीं जुड़ा है।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के समापण के बाद राम मंदिर निर्माण को लेकर सियासत रफ्तार पकड़ने लगी है। लोस चुनाव में महाराष्ट्र में परचम लहराने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अयोध्या का दौरा किया। उनके साथ उनकी पार्टी के 18 सासंद भी रामलला का दर्शन करने मंदिर प्रांगण में मौजूद थे। पार्टी के मुखिया के साथ रामलला का दर्शन करने की खातिर शिवसेना के दस सांसद कल ही अयोध्या पहुंच गए थे जबकि आठ आज सुबह पहुंचे। अयोध्या में शिवसेना के सांसदों ने उद्धव ठाकरे का स्वागत किया। इसके बाद ठाकरे होटल रवाना हो गए।

इसे भी पढ़ें: शिवसेना पर विहिप ने साधा निशाना, कहा- मंदिर निर्माण पर किसी दल को राजनीति नहीं करनी चाहिए

शिवसेना का कहना है कि राम मंदिर का मुद्दा चुनावी हार-जीत से नहीं जुड़ा है। बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे ने अपने परिवार के साथ अयोध्या का दौरा किया था और राम मंदिर निर्माण को लेकर राजग में सहयोगी पार्टी होने का बाद भी मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा किया था।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


प्रधानमंत्री मोदी ने एमजी रामचंद्रन की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 17, 2021   12:35
  • Like
प्रधानमंत्री मोदी ने एमजी रामचंद्रन की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की

प्रधानमंत्री मोदी ने एमजी रामचंद्रन की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि एमजीआर तमिलनाडु के करीब 10 साल तक मुख्यमंत्री रहे। एमजीआर का 1987 में निधन हो गया था और अंतिम समय तक वह मुख्यमंत्री पद पर रहे।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अन्नाद्रमुक के संस्थापक व तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम जी रामचंद्रन (एमजीआर के नाम से लोकप्रिय) को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने एमजीआर के गरीबी उन्मूलन एवं महिला सशक्तीकरण के प्रयासों की सराहना की। एमजीआर का जन्म 1917 में हुआ था और वह तमिल फिल्मों के सुपरस्टार थे। उन्होंने वर्ष 1972 में अपनी पार्टी बनाई। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘ भारत रत्न एमजीआर अनेक लोगों के दिलों में रहते हैं।

इसे भी पढ़ें: उड़ीसा HC ने महिला को 15 महीने का बच्चा पिता को देने का दिया निर्देश

चाहे वह फिल्मी दुनिया हो या राजनीति उनका सभी सम्मान करते हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री रहने के दौरान उन्होंने गरीबी उन्मूलन के लिए कई कदम उठाए और उनका जोर महिला सशक्तीकरण पर था। एमजीआर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।’’ गौरतलब है कि एमजीआर तमिलनाडु के करीब 10 साल तक मुख्यमंत्री रहे। एमजीआर का 1987 में निधन हो गया था और अंतिम समय तक वह मुख्यमंत्री पद पर रहे।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


उड़ीसा HC ने महिला को 15 महीने का बच्चा पिता को देने का दिया निर्देश

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 17, 2021   12:24
  • Like
उड़ीसा HC ने महिला को 15 महीने का बच्चा पिता को देने का दिया निर्देश

उड़ीसा उच्च न्यायालय ने महिला को 15 महीने का बच्चा पिता को देने का निर्देश दिया है।अदालत ने यह निर्देश उस वीडियो को संज्ञान में लेते हुए लिया जिसमें मां बच्चे को बुरी तरह से पीट रही है और लगातार यातना दे रही है।

कटक। उड़ीसा उच्च न्यायालय ने 15 महीने के बच्चे को पिता के सुपुर्द करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने फैसला देते हुए टिप्पणी की कि मां के साथ अलग रहना बच्चे के मानसिक, शारीरिक विकास के लिए हानिकारक हो सकता है और उसपर मानसिक रूप से नकारात्मक असर डाल सकता है।

इसे भी पढ़ें: महाराष्ट्र: ठाणे जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के 373 नए मामले, पहले दिन 79.39 प्रतिशत हुआ टीकाकरण

अदालत ने यह निर्देश उस वीडियो को संज्ञान में लेते हुए लिया जिसमें मां बच्चे को बुरी तरह से पीट रही है और लगातार यातना दे रही है। न्यायमूर्ति एसके मिश्रा और न्यायमूर्ति सावित्री राठो की खंडपीठ ने शुक्रवार को पुरी जिला निवासी चक्रधर नायक की बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका स्वीकार करते हुए पत्नी को निर्देश दिया कि वह सात दिनों के भीतर बच्चे को पिता के सुपुर्द करे। अदालत ने निर्देश दिया, ‘‘ अगर महिला सात दिन में ऐसा नहीं करती है तो पुलिस उचित कार्रवाई कर बच्चे को उससे लेकर पिता के सुपुर्द करे।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


राजस्थान के अनेक हिस्सों में रात का पारा गिरा,कई हिस्‍सों में कोहरा रहेगा जारी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 17, 2021   12:13
  • Like
राजस्थान के अनेक हिस्सों में रात का पारा गिरा,कई हिस्‍सों में कोहरा रहेगा जारी

राजस्‍थान के अनेक हिस्‍सों में रात का पारा गिरा है।वहीं गंगानगर में यह 2.5, जैसलमेर में 6.1 , बीकानेर में 6.3 और अलवर में 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्‍य के अनेक हिस्‍सों में रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग के अनुसार राज्‍य के कई हिस्‍सों में सर्दी व कोहरे का क्रम अभी जारी रहेगा।

जयपुर। राजस्‍थान के अनेक हिस्‍सों में रात के न्‍यूनतम तापमान में गिरावट आई है जहां बीती शनिवार रात पिलानी 1.4 डिग्री सेल्सियस न्‍यनूतम तापमान के साथ सबसे सर्द रहा। मौसम विभाग के अनुसार इसी तरह चुरू में न्‍यूनतम तापमान 1.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

इसे भी पढ़ें: महाराष्ट्र: ठाणे जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के 373 नए मामले, पहले दिन 79.39 प्रतिशत हुआ टीकाकरण

वहीं गंगानगर में यह 2.5, जैसलमेर में 6.1 , बीकानेर में 6.3 और अलवर में 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्‍य के अनेक हिस्‍सों में रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग के अनुसार राज्‍य के कई हिस्‍सों में सर्दी व कोहरे का क्रम अभी जारी रहेगा।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept