अपने जीवन से जुड़े नाटकीय घटनाक्रमों पर रंजन गोगोई ने लिखी पुस्तक

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 4, 2021   07:38
अपने जीवन से जुड़े नाटकीय घटनाक्रमों पर रंजन गोगोई ने लिखी पुस्तक

विवादास्पद मुद्दों से कभी पीछे नहीं हटने वाले गोगोई ने उच्चतम न्यायालय में कार्यकाल के दौरान अभूतपूर्व घटनाओं का जिक्र किया है -- सबसे शक्तिशाली न्यायाधीश बनने से पहले ‘कुख्यात’ संवाददाता सम्मेलन, बिना सबूत के यौन उत्पीड़न के आरोप लगाना और टैबलॉयड पत्रकारिता के प्रभाव इन सब के बारे में पुस्तक में जिक्र किया गया है।

नयी दिल्ली| भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने अपने जीवन और कैरियर के दौरान हुए नाटकीय घटनाक्रमों को पुस्तक का स्वरूप दिया है।

इसमें उनके उच्चतम न्यायालय का प्रधान न्यायाधीश बनने से पहले ‘कुख्यात’ संवाददाता सम्मेलन, यौन उत्पीड़न के आरोप और टैबलॉयड पत्रकारिता के प्रभाव से जुड़ी घटनाएं भी शामिल की गई हैं।

पुस्तक के प्रकाशक रूपा ने गोगोई को ‘‘विरोधाभासों का आकर्षक व्यक्तित्व बताया है जिनकी राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में पैनी नजर रही’’ और जिनकी कहानी ‘‘स्पष्ट, प्रेरक एवं प्रभावशाली’’ है। गोगोई ने ‘‘जस्टिस फॉर द जज’’ पुस्तक में अपने जीवन की नाटकीय कहानियों, असम के डिब्रूगढ़ से उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश तक के सफर, ऐतिहासिक मामलों और न्यायिक महत्वाकांक्षाओं का वर्णन किया है।

उन्होंने देश की कानूनी प्रणाली के बारे में जो सबक सीखे, इसका भी खुलासा किया है।

एक बयान में बताया गया है कि विवादास्पद मुद्दों से कभी पीछे नहीं हटने वाले गोगोई ने उच्चतम न्यायालय में कार्यकाल के दौरान अभूतपूर्व घटनाओं का जिक्र किया है -- सबसे शक्तिशाली न्यायाधीश बनने से पहले ‘कुख्यात’ संवाददाता सम्मेलन, बिना सबूत के यौन उत्पीड़न के आरोप लगाना और टैबलॉयड पत्रकारिता के प्रभाव इन सब के बारे में पुस्तक में जिक्र किया गया है।

आठ दिसंबर को जारी होने वाली पुस्तक में गोगोई ने महत्वपूर्ण बैठकों, गहन वार्ताओं और निजी लड़ाइयों आदि का जिक्र किया है।

इसमें राफेल, राहुल गांधी के खिलाफ शुरू की गई अवमानना कार्यवाही, सबरीमला, एनआरसी और अयोध्या पर फैसलों का भी वर्णन है। गोगोई तीन अक्टूबर 2018 से 17 नवंबर 2019 तक भारत के 46वें प्रधान न्यायाधीश थे।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...