संत रविदास मंदिर ढहाया जाने से दिल्ली से पंजाब तक मचा बवाल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Aug 14 2019 9:44AM
संत रविदास मंदिर ढहाया जाने से दिल्ली से पंजाब तक मचा बवाल
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फगवाड़ा से मिली एक रिपोर्ट में रेलवे अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि कुछ प्रदर्शनकारी फगवाड़ा के निकट चहेड़ू और जालंधर के बीच पटरियों पर बैठ गए जिसके कारण कुछ ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन करना पड़ा और कुछ ट्रेनों को रद्द करना पड़ा।

चंडीगढ़। नयी दिल्ली के तुगलकाबाद में गुरु रविदास का मंदिर गिराए जाने के विरोध में दलित समुदाय के लोगों के धरना- प्रदर्शन के कारण मंगलवार को पंजाब के कुछ हिस्सों में पूरी तरह बंद रखा गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुछ मार्गों को बाधित किया जिसके कारण भारी जाम लग गया। कई स्थानों पर समुदाय के लोगों ने विरोध मार्च निकाले, धरना दिया, पुतले जलाए और सड़कों पर जलते हुए टायर रखे।
 
फगवाड़ा से मिली एक रिपोर्ट में रेलवे अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि कुछ प्रदर्शनकारी फगवाड़ा के निकट चहेड़ू और जालंधर के बीच पटरियों पर बैठ गए जिसके कारण कुछ ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन करना पड़ा और कुछ ट्रेनों को रद्द करना पड़ा।प्रभावित ट्रेनों में मुंबई जाने वाली दादर एक्सप्रेस शामिल है जो जालंधर छावनी रेलवे स्टेशन पर बाधित हुई। दिल्ली जाने वाली पठानकोट-दिल्ली एक्सप्रेस को मंगलवार को करतारपुर में एहतियातन रोका गया। जालंधर, होशियारपुर, फगवाड़ा और कपूरथला जैसे स्थानों पर बंद के कारण दुकानें बंद रहीं। अधिकारियों ने एहतियातन शिक्षण संस्थानों को भी बंद रखने का आदेश दिया। अमृतसर, लुधियाना, बठिंडा और गुरदासपुर जैसे स्थानों पर भी हड़ताल ने असर डाला।
प्रदर्शनकारियों ने ‘गुरु रविदास जयंती समारोह समिति’ के बैनर तले 13 अगस्त को बंद का आह्वान किया था। साथ ही स्वतंत्रता दिवस को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी। दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने सोमवार को आरोप लगाया था कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने पिछले शनिवार को पुलिस बल की मौजूदगी में मंदिर को गिराया और मूर्ति को वहां से ले जाया गया। हालांकि डीडीए ने मंदिर शब्द का इस्तेमाल नहीं किया और कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार ढांचा हटाया गया।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार हल निकालने तथा वैकल्पिक स्थान की पहचान के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले कुछ दिन से राज्य में विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन हो रहे हैं और मुख्य मांग है कि मंदिर का पुनर्निर्माण कराया जाए। पड़ोसी राज्य हरियाणा में पानीपत और करनाल समेत कुछ स्थानों पर धरना प्रदर्शन की खबरें हैं। प्रदेश की मंत्री अरुणा चौधरी ने पंजाब के गुरदासपुर जिले के दीना नगर में प्रदर्शन में शामिल होकर हड़ताल के प्रति समर्थन जताया। दलित समुदाय के लोगों ने मंगलवार को जालंधर सहित अनेक स्थानों पर विरोध रैलियां निकालीं। यहां शिक्षण संस्थान बंद हैं। इसके अलावा लुधियाना, फगवाड़ा, नवांशहर, बरनाला, फिरोजपुर, बठिंडा, अमृतसर, मोगा और फाजिल्का में भी रैलियां निकाली गईं। प्रदर्शनों को देखते हुए राज्य में कड़े सुरक्षा प्रबंधों के तहत भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
 
शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष गोविंद सिंह लोंगोवाल और अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने मंदिर गिराये जाने की कड़ी निंदा की है। एसजीपीसी ने दलित समुदाय के प्रति समर्थन जताया और मंगलवार को दोपहर बाद आधे दिन के लिए अपने दफ्तर बंद रखे। माना जाता है जहां मंदिर को ढहाया गया है, 1509 में सिकंदर लोदी के शासन के दौरान गुरु रविदास उस स्थान पर गए थे।


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