देश में भेदभाव रोकने के लिए आरक्षण जरूरी: उमा भारती

Reservation is necessary to prevent discrimination in the country: Uma Bharti
केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने देश में लागू आरक्षण व्यवस्था का समर्थन करते हुए कहा कि हमारे देश में धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होता है, लेकिन जाति के आधार पर सदियों से भेदभाव होता आया है।

भोपाल। केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने देश में लागू आरक्षण व्यवस्था का समर्थन करते हुए कहा कि हमारे देश में धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होता है, लेकिन जाति के आधार पर सदियों से भेदभाव होता आया है। इसलिये पिछड़े और दलित वर्ग के उत्थान के लिये आरक्षण व्यवस्था जरूरी है। गुजरात में विधानसभा चुनावों में आरक्षण के मुद्दे पर पूछे गये एक सवाल पर आज यहां मीडिया से चर्चा करते हुए उमा ने कहा, ‘‘आरक्षण की देश में आवश्यकता है क्योंकि जाति के आधार पर सदियों से यहां लोगों को पीड़ित किया गया है। इसका संवैधानिक पहलू भी है, इसलिये देश में आरक्षण जरूरी है।’’

कुछ मंदिरों में जाति के कारण प्रवेश नहीं दिये जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘सामान्य तौर पर मंदिर में प्रवेश पर कोई आपकी जाति नहीं पूछता। लेकिन यदि राजनीति करने के लिये कोई अपनी पिछड़ी जाति की घोषणा कर और प्रोपगैंडा कर मंदिर में जाने की बात करेगा तो दूसरा पक्ष भी प्रतिक्रिया देगा। समस्या ऐसी स्थिति में खड़ी होती है। साध्वी ने लोगों को, विशेषकर इस मुद्दे पर राजनीति करने वालों को सलाह दी यदि किसी को मंदिर में दर्शन करना है तो वह बिना अपनी जाति की घोषणा किये या प्रोपगैंडा किये बगैर मंदिर में जाये।

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा यात्रा के बारे में भारती ने कहा, ‘‘दिग्विजय और उनका परिवार काफी धार्मिक है। यह उनकी धार्मिक यात्रा है। मैं इस पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहती। यात्रा के समापन पर होने वाले भंडारे में यदि मुझे आमंत्रित किया जायेगा तो मैं जरूर शामिल होऊंगी। वह मेरे बड़े भाई जैसे हैं। मैं उन्हें और उनकी पत्नी को नर्मदा यात्रा को अच्छे से पूरा करने के लिये अपनी शुभकामनाएं देती हूं।’’

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