राजद नेता लालू प्रसाद यादव 2015के चुनाव आचार संहिता उल्लंघन मामले में बरी

Lalu yadav
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हाजीपुर की एक अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को 2015 के राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के एक मामले में बुधवार को बरी कर दिया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (हाजीपुर) स्मिता राज की अदालत ने जाति आधारित टिप्पणी करने के उक्त मामले में ठोस सबूतों के अभाव में लालू प्रसाद को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

हाजीपुर, 26 अगस्त। हाजीपुर की एक अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को 2015 के राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के एक मामले में बुधवार को बरी कर दिया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (हाजीपुर) स्मिता राज की अदालत ने जाति आधारित टिप्पणी करने के उक्त मामले में ठोस सबूतों के अभाव में लालू प्रसाद को सभी आरोपों से बरी कर दिया। राजद प्रमुख के वकील श्याम बाबू ने संवाददाताओं से कहा कि जब अदालत ने अपना फैसला सुनाया, उस समय मेरे मुवक्किल अदालत कक्ष के अंदर मौजूद थे, लालू 10 मिनट तक अदालत कक्ष के अंदर रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘लालू यादव ने 16 जून को अदालत के समक्ष कहा था कि वह बेगुनाह हैं और उन्होंने किसी ऐसे शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जिससे किसी को ठेस पहुंचे।’’ यह मामला राज्य में 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान यादव के चुनाव प्रचार से जुड़ा है। 27 सितंबर 2015 को राघोपुर से अपने अभियान की शुरुआत करते हुए राजद प्रमुख ने कथित तौर पर विधानसभा चुनाव को पिछड़ी जातियों और अगड़ी जातियों के बीच सीधी लड़ाई के रूप में वर्णित किया था और यादवों और अन्य पिछड़ी जातियों को राजद-गठबंधन के समर्थन में गोलबंद होने का आह्वान किया था।

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