भारी बारिश से पठानकोट में घर की छत गिरी, तीन की मौत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 13, 2019   13:49
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भारी बारिश से पठानकोट में घर की छत गिरी, तीन की मौत

सुजानपुर के थाना प्रभारी निरीक्षक अश्विनी कुमार ने बताया कि कालीहरि गांव में घटी इस घटना में 40 वर्षीय महिला और उसके 13 वर्ष तथा 10 वर्ष के दो बच्चों की मौत हो गई। घटना में चार अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

चंडीगढ़। पंजाब के पठानकोट जिले के एक गांव में भारी बारिश के बाद एक घर की छत गिर गई। इस घटना में एक महिला और उसके दो बच्चों की मौत हो गई जबकि परिवार के चार अन्य सदस्य घायल हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि घटना बृहस्पतिवार की रात की है। उस वक्त पूरा परिवार घर में सो रहा था।

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सुजानपुर के थाना प्रभारी निरीक्षक अश्विनी कुमार ने बताया कि कालीहरि गांव में घटी इस घटना में 40 वर्षीय महिला और उसके 13 वर्ष तथा 10 वर्ष के दो बच्चों की मौत हो गई। घटना में चार अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर बैरिकेट तोड़ दिल्ली में दाखिल हुए किसान, आंसू गैस के गोले दागे गए

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   12:06
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सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर बैरिकेट तोड़ दिल्ली में दाखिल हुए किसान, आंसू गैस के गोले दागे गए

अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा कर्मियों ने किसानों को समझाने की कोशिश भी की और कहा कि राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड के खत्म होने के बाद उन्हें दिल्ली में ट्रैक्टर परेड करने की अनुमति दी गई है।

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी से लगे सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के कुछ समूह मंगलवार को पुलिस के अवरोधकों को तोड़कर दिल्ली में दाखिल हो गए। इसके बाद ये किसान काफी समय तक मुकरबा चौके पर बैठे, लेकिन फिर उन्होंने वहां लगाए गए बैरिकेड और सीमेंट के अवरोधक तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद किसानों के समूह पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा कर्मियों ने किसानों को समझाने की कोशिश भी की और कहा कि राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड के खत्म होने के बाद उन्हें दिल्ली में ट्रैक्टर परेड करने की अनुमति दी गई है। इसके बावजूद कई ट्रैक्टर नजर आए, जिन पर तिंरगे लगे थे। इनके साथ पुरुष तथा महिलाएं ढोल पर नाचते नजर आए। 

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सड़क के दोनों ओर खड़े स्थानीय लोग फूलों की बारिश भी कर रहे थे। कुछ किसान हाथ में विभिन्न किसान संगठनों के झंडे लिए और नारे लगाते पैदल चलते भी नजर आए। कुछ मोटर साइकिल और घोड़ों पर सवार थे। लोग अपने ट्रैक्टरों के ऊपर खड़े होकर नारे लगाते और क्रांतिकारी गीत गाते भी दिखे। स्थानीय लोगों ने मार्च में शामिल किसानों को खाद्य पदार्थ और पानी की बोतलें बांटी। मौके पर मौजूद पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इससे पहले बताया था कि किसानों के कुछ समूह अवरोधक तोड़कर राष्ट्रीय राजधानी में दाखिल हो गए। उन्होंने कहा, ‘‘ पुलिस और किसानों के बीच इस बात को लेकर सहमति बनी थी कि वे निर्धारित समय पर परेड शुरू करेंगे, लेकिन वे जबरन दिल्ली में दाखिल हो गए। तय मार्ग के अनुसार उन्हें बवाना की ओर जाना था लेकिन उन्होंने आउटर रिंग रोड की ओर जाने की जिद शुरू कर दी।’’ 

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दिल्ली पुलिस ने वार्षिक गणतंत्र दिवस परेड के बाद किसानों को ट्रैक्टर परेड निकालने की रविवार को अनुमति दे दी थी। प्रदर्शनकारियों को कहा गया था कि वे राजपथ के जश्न को बाधित नहीं कर सकते, इस पर किसानों ने इस बात पर जोर दिया था कि उनकी परेड ‘‘शांतिपूर्ण’’ होगी। अधिकारी ने कहा, ‘‘ लेकिन किसानों के कुछ समूह माने नहीं और पुलिस के अवरोधक तोड़ कर आउटर रिंग रोड की ओर बढ़ने लगे।’’’ केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे 41 किसान संघों के प्रमुख संगठन ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के एक सदस्य ने कहा कि अवरोधक तोड़ने वाले लोग ‘किसान मजदूर संघर्ष कमेटी’ के सदस्य थे।

उन्होंने कहा कि किसानों की ट्रैक्टर परेड पुलिस की अनुमति के बाद निर्धारित समय पर शुरू होगी। प्रदर्शन कर रहे संगठनों ने एक फरवरी को संसद तक पैदल मार्च करने की भी घोषणा की है। एक फरवरी को संसद में वार्षिक बजट पेश किया जाएगा। दिल्ली में सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर प्रस्तावित ‘किसान गणतंत्र परेड’ के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान शहर की बिजली आपूर्ति को बाधित करने की धमकी देने के बाद बिजली के उपकेंद्रों पर गश्त भी बढ़ा दी गई है। 

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एक अधिकारी ने बताया कि निगरानी रखने के लिए करीब छह हजार सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। संदिग्ध लोगों की पहचान करने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा चेहरे से पहचान करने वाली प्रणाली भी प्रमुख स्थानों पर लगाई गई है। राजपथ पर नजर रखने के लिए ऊंची इमारतों पर शार्प शूटरों और स्नाइपरों को तैनात किया गया है, जहां राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अन्य गणमान्य व्यक्तियों और हजारों लोगों के साथ गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत करेंगे। गौरतलब है कि हजारों किसान पिछले साल 28 नवम्बर से दिल्ली से लगी सीमाओं पर केन्द्र के नए कृषि कानूनों को रद्द किए जाने और उनकी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्यों की कानूनी गारंटी की मांग करे रहे हैं। इनमें अधिकतर किसाल पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हैं।





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सात महीने के बाद 10 हजार से कम आए कोरोना के नए मामले, अब तक 1,53,587 मरीजों ने गंवाई अपनी जान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   11:29
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सात महीने के बाद 10 हजार से कम आए कोरोना के नए मामले, अब तक 1,53,587 मरीजों ने गंवाई अपनी जान

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अबतक 1,03,45,985 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। संक्रमण मुक्त होने का राष्ट्रीय औसत 96.90 हो गया है। मृत्यु दर 1.44 प्रतिशत है। देश में संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 1,77,266 हो गई है जो कुल मामलों का 1.66 प्रतिशत है।

नयी दिल्ली। भारत में एक दिन में कोरोना वायरस के 9,102 नए मरीजों की पुष्टि हुई है जो बीते आठ महीनों में सबसे कम है। नए मरीजों के साथ ही कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,06,76,838 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 117 संक्रमितों की मौत हुई है जो आठ महीनों में सबसे कम संख्या है। देश में संक्रमण से मृतक संख्या 1,53,587 हो गई है। भारत में तीन जून को एक दिन में 8,909 नए मामले आए थे और 16 मई को 103 लोगों की मौत हुई थी। 

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स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अबतक 1,03,45,985 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। संक्रमण मुक्त होने का राष्ट्रीय औसत 96.90 हो गया है। मृत्यु दर 1.44 प्रतिशत है। देश में संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 1,77,266 हो गई है जो कुल मामलों का 1.66 प्रतिशत है। यह लगातार सातवां दिन है जब संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या दो लाख से कम है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक,25 जनवरी तक 19,30,62,694 नमूनों की जांच की जा चुकी है। सोमवार को 7,25,577 नमूनों का परीक्षण किया गया था।





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PM मोदी ने राष्ट्रीय समर स्मारक पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, आगंतुक पुस्तिका पर लिखा संदेश

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   10:31
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PM मोदी ने राष्ट्रीय समर स्मारक पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, आगंतुक पुस्तिका पर लिखा संदेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आगंतुक पुस्तिका पर संदेश भी लिखा। राष्ट्रीय समर स्मारक देश की रक्षा में शहीद सैनिकों के पुण्यस्मरण में निर्मित किया गया है। यह सशस्त्र सेनाओं के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतिनिधित्व करता है।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 72वें गणतंत्र दिवस के मौके पर मंगलवार को राष्ट्रीय समर स्मारक पहुंचे और देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत सहित तीनों सेनाओं के प्रमुख भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने शहीदों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखा। 

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उन्होंने आगंतुक पुस्तिका पर संदेश भी लिखा। राष्ट्रीय समर स्मारक देश की रक्षा में शहीद सैनिकों के पुण्यस्मरण में निर्मित किया गया है। यह सशस्त्र सेनाओं के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतिनिधित्व करता है। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्वीट किया कि देशवासियों को गणतंत्र दिवस की ढेरों शुभकामनाएं।





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