देश का नया इतिहास लिख रहा है RSS, 2024 तक तैयार कर लेने का है लक्ष्य

देश का नया इतिहास लिख रहा है RSS, 2024 तक तैयार कर लेने का है लक्ष्य

राष्ट्रीय सेवा संघ की हिस्ट्री विंग अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना भारतीय इतिहास को भारतीय दृष्टिकोण और उचित कालखंड के हिसाब से संजीव ने के ऊपर काम कर रही है।

इतिहास जैसा है उसे वैसा ही प्रकट किया जाना चाहिए। भारतीय इतिहास को लेकर अक्सर यह कहा जाता है कि इसमें कई रहस्य ऐसे हैं जिन्हें अभी उजागर होना बाकी है और वह हमें इतिहास में कभी पढ़ाई भी नहीं जाते या जिनके बारे में इतिहासकारों के बीच आपस में ही मतभेद जैसी स्थिति है। इसलिए कई बार भारत के इतिहास को फिर से लिखे जाने की वकालत की जाती रही है। जिसके पीछे की वजह है वर्तमान में पाठ्य पुस्तकों में जो इतिहास हमें पढ़ाया जाता है वह या तो अधूरा है या फिर सत्य से कोसों दूर। इसके साथ ही यहां तक कहा जाता है कि यह पूरी तरह से एकतरफा गया है। लेकिन अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ देश का नया इतिहास लिख रहा है। 

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दरअसल, राष्ट्रीय सेवा संघ की हिस्ट्री विंग अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना भारतीय इतिहास को भारतीय दृष्टिकोण और उचित कालखंड के हिसाब से संजीव ने के ऊपर काम कर रही है। संघ प्रचारक और अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के संगठन सचिव बालमुकुंद पांडे का कहना है कि इतिहास बदला नहीं जा सकता लेकिन इसे सुधारा तो जा सकता है। अंग्रेजों ने कहा कि ईसा से 4 हजार साल पहले कोई जीव नहीं था, कोई इतिहास नहीं था। लेकिन राखीगढ़ी खुदाई में 7200 ईसा पूर्व के अवशेष मिल गए।

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बालमुकुंद पांडे ने कहा कि भारत के इतिहास लेखन में जो डिफरेंस है वही वितरित किए गए हैं और हम उसे पुष्ट करने के लिए लोकल हिस्ट्री माइक्रो हिस्ट्री को आधार बनाएंगे। 2024 तक इतिहास तैयार कर लेने का लक्ष्य है। 2025 में संघ की स्थापना को 100 साल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम वैदिक काल के समय से 2014 तक का इतिहास लिख रहे हैं।





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