राज्यसभा में 12 सदस्यों के निलंबन के मुद्दे पर हंगामा, बैठक चार बजे तक स्थगित

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 6, 2021   17:07
राज्यसभा में 12 सदस्यों के निलंबन के मुद्दे पर हंगामा, बैठक चार बजे तक स्थगित

राज्यसभा में 12 सदस्यों के निलंबन के मुद्दे पर हंगामा हो गया जिससे बैठक चार बजे तक स्थगित रही।पीठासीन अध्यक्ष सस्मित पात्रा ने कहा कि महंगाई पर चर्चा होनी है इसलिए सदस्य स्वयं को चर्चा पर ही केंद्रित करें। इसी बीच अन्य विपक्षी सदस्यों ने भी निलंबित सदस्यों का निलंबन रद्द किए जाने की मांग शुरू कर दी।

नयी दिल्ली।राज्यसभा की बैठक अशोभनीय आचरण के कारण निलंबित 12 सदस्यों का निलंबन वापस लिए जाने की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को तीन बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजकर करीब दस मिनट पर चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। तीन बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे जब पुन: शुरू हुई तो पीठासीन अध्यक्ष सस्मित पात्रा नेविपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से ‘‘पेट्रोलियम उत्पादों के दाम में वृद्धि सहित महंगाई के कारण देश में उत्पन्न हालात’’ पर अल्पकालिक चर्चा शुरू करने के लिए कहा। खड़गे ने कहा कि वह चर्चा तो चाहते हैं लेकिन यह भी चाहते हैं कि शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किए गए 12 सदस्यों का निलंबन वापस लिया जाए और उन्हें सदन में आने दिया जाए। खड़गे ने कहा ‘‘निलंबित सदस्य कार्यवाही में हिस्सा लेना चाहते हैं। उनका निलंबन वापस लिया जाना चाहिए।’’ पीठासीन अध्यक्ष सस्मित पात्रा ने कहा कि महंगाई पर चर्चा होनी है इसलिए सदस्य स्वयं को चर्चा पर ही केंद्रित करें। इसी बीच अन्य विपक्षी सदस्यों ने भी निलंबित सदस्यों का निलंबन रद्द किए जाने की मांग शुरू कर दी। पात्रा ने सदस्यों से शांत रहने के लिए अनुरोध किया। उन्होंने कहा ‘‘चर्चा की मांग आपने (विपक्ष ने) की थी, कार्य मंत्रणा समिति ने इसके लिए समय दिया। अब आपको चर्चा शुरू करनी चाहिए।’’

सदन में मौजूद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा ‘‘चर्चा का विषय विपक्षी सदस्यों ने तय किया था। चर्चा के लिए समय निर्धारित किया गया और आज जब चर्चा होनी है तो वह चर्चा शुरू नहीं कर रहे हैं। बाद में विपक्षी सदस्य आरोप लगाते हैं कि सरकार चर्चा से भाग रही है।’’ पात्रा ने विपक्षी सदस्यों का नाम ले कर कहा कि वे चर्चा शुरू करें। जब उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की डॉ फौजिया खान का नाम लिया तो फौजिया ने कहा ‘‘या तो हमारे 12 सहयोगियों का निलंबन रद्द कर उन्हें सदन में आने दिया जाए या फिर हमें भी निलंबित कर दिया जाए।’’ पात्रा ने एक बार फिर खड़गे से चर्चा शुरू करने को कहा। खड़गे ने कहा ‘‘सदन में व्यवस्था नहीं है। हम चर्चा चाहते हैं। हम अपने निलंबित साथियों को भी यहां कार्यवाही में हिस्सा लेते देखना चाहते हैं।’’ पात्रा ने सदन में व्यवस्था बनाने की अपील की। सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा ‘‘आप व्यवस्था बनाने की अपील कर रहे हैं। विपक्षी सदस्य अपनी मांग कर रहे हैं। आसन का जो अनादर किया गया, लोकतंत्र की गरिमा पर आघात किया गया.... क्या इस पर नहीं सोचा जाना चाहिए। यह लोग (विपक्षी सदस्य) लोकतंत्र की बात करते हैं और वास्तव में क्या करते हैं।’’ खड़गे पर तंज करते हुए गोयल ने कहा ‘‘लगता है कि विपक्ष के नेता की अपने सदस्यों पर कोई पकड़ नहीं है। पहले तो उन्होंने चर्चा की मांग की, अब उन्होंने एक मुद्दा उठाया, फिर अपने सदस्यों को उकसाया।’’ गोयल ने कहा कि पेट्रोल डीजल के दामों में कमी आ चुकी है और कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है इसलिए वह हंगामे की आड़ में अपनी अक्षमता छिपाना चाहती है। उन्होंने कांग्रेस पर दोहरापन अपनाने की आरोप लगाया। पात्रा ने एक बार फिर सदस्यों से शांत रहने और अल्पकालिक चर्चा शुरू करने को कहा। लेकिन हंगामा थमते न देख उन्होंने बैठक चार बजे तक स्थगित कर दी।

इससे पहले दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे बैठक शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने कुछ आवश्यक दस्तावेज रखवाने के बाद नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने का अवसर दिया। खड़गे ने निलंबत सदस्यों का निलंबन रद्द करने की मांग की। हरिवंश ने कहा कि इस मुद्दे पर सभापति ने नेता सदन और विपक्ष के नेताओं के बीच बातचीत कर कोई रास्ता निकालने के लिए पहले ही कह दिया है। उन्होंने कहा ‘‘ नेता प्रतिपक्ष को सदन में मूल्यवृद्धि के मुद्दे पर हो रही अल्पकालिक चर्चा में भाग लेना चाहिए। अल्पकालिक चर्चा महत्वपूर्ण विषय पर हो रही है इसलिए विपक्ष सहित सभी दलों के सदस्यों को इसमें भाग लेना चाहिए।’’ बहरहाल, हंगामा नहीं थमा और कुछ विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गये। सदन में व्यवस्था बनते न देख हरिवंश ने बैठक को अपराह्न तीन बजे तक स्थगित कर दिया। इससे पहले एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने निलंबित सदस्यों का निलंबन वापस लिए जाने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उपसभापति हरिवंश ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपने स्थानों पर जाने की अपील करते हुए सदन में प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल देश के लिए भी महत्वपूर्ण होता है और सदस्यों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब तैयार करने में लाखों रुपये खर्च होते हैं। उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा कि वह अन्य सदस्यों से उनका हक और मौका ले रहे हैं। सदन में शोरगुल के बीच ही मंत्रियों ने कुछ पूरक सवालों के जवाब दिए।

हंगामे के बीच ही सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्षी सदस्य लोकतंत्र की बात कर रहे हैं लेकिन यहां हंगामा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में यहां अशोभनीय घटना हुयी और आसन, अधिकारियों तथा महिला मार्शलों के साथ अशोभनीय आचरण किया गया। सदन में शोरगुल नहीं थमता देख उपसभापति ने बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सुबह, विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण बैठक शुरू होने के दस मिनट बाद ही दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद सदन में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य मल्लिकार्जुन खड़गे ने नगालैंड में हुई गोलीबारी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ‘‘यह अत्यंत गंभीर घटना है और गृह मंत्री को इस परसदन में बयान देना चाहिए।’’ सभापति ने कहा कि इस बारे में उनकी गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात हुई है और गृह मंत्री आज दोपहर बाद एक बयान देंगे। सदन के नेता पीयूष गोयल ने भी बताया कि गृह मंत्री दोपहर बाद एक बयान देंगे। इसके बाद नायडू ने जब शून्यकाल शुरू कराया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बृजलाल को अपना मुद्दा उठाने के लिए कहा, उसी समय तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कोई मुद्दा उठाना चाहा। सभापति ने उन्हें अनुमति न देते हुए उनसे कहा कि वह सदस्यों को शून्यकाल के तहत अपने मुद्दे उठाने दें। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी सदस्यों ने अपनी-अपनी मांगों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। सदन में व्यवस्था बनते न देख सभापति ने 11 बज कर करीब दस मिनट पर बैठक बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी।





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