राजस्थान में मंत्री रमेश मीणा को हटाने की मांग को लेकर सरपंचों ने जयपुर में महापड़ाव शुरू किया

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जयपुर के मानसरोवर इलाके में सरपंच और उपसरपंच महापड़ाव में एकत्रित हुए। उन्होंने मीणा के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें मंत्री पद से हटाने की मांग की। उधर, मंत्री रमेश मीणा ने संवाददाताओं से कहा कि पंचायतों में किए गए कार्यो की गुणवत्ता की जांच की जाती है और जब समीक्षा की जाती है तो अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है।

जयपुर, 6 अगस्त। राजस्थान के पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा को हटाने की मांग को लेकर राजस्थान के विभिन्न हिस्सों के सरपंचों और उप सरपंचों ने शुक्रवार को जयपुर में महापड़ाव शुरू किया। यह प्रदर्शन सरपंच संघ के बैनर तले किया जा रहा है। मीणा की ओर से नागौर और बाड़मेर जिलों के सरपंचों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने से सरपंच नाराज़ हैं। नागौर जिले के सरपंच संघ के राज्य सचिव हनुमान चौधरी ने कहा, ‘‘ सरपंचों के खिलाफ आरोप निराधार हैं। हम मंत्री को बर्खास्त करने की मांग करते हैं।हम आरोपों से आहत हैं।’’

जयपुर के मानसरोवर इलाके में सरपंच और उपसरपंच महापड़ाव में एकत्रित हुए। उन्होंने मीणा के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें मंत्री पद से हटाने की मांग की। उधर, मंत्री रमेश मीणा ने संवाददाताओं से कहा कि पंचायतों में किए गए कार्यो की गुणवत्ता की जांच की जाती है और जब समीक्षा की जाती है तो अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा,‘‘मैंने अभी काम में कमियों को उजागर किया है।

जहां गड़बड़ी पाई गई वहां अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अभी तक किसी सरपंच के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है क्योंकि हम सुधार चाहते हैं। कुछ सरपंच जांच से डरते है इसलिये इस तरह का विरोध किया जा रहा है।” उन्होंने दावा किया कि ज्यादातर सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधि सरकार के साथ हैं और आंदोलन एक घड़े द्वारा किया जा रहा है।

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