सतीश पूनिया ने कहा कि गहलोत के आरोपों का कोई आधार नहीं है

Satish Poonia
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उल्लेखनीय है कि गहलोत ने बृहस्पतिवार को एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में आरोप लगाया कि 2020 में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस के कुछ विधायक गुरुग्राम के एक रिसॉर्ट में एक महीने से अधिक समय तक रहे थे और उस बगावत में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केन्द्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की भी भूमिका थी।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि सचिन पायलट के नेतृत्व में हुई बगावत को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा पार्टी पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और इससे पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। उल्लेखनीय है कि गहलोत ने बृहस्पतिवार को एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में आरोप लगाया कि 2020 में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस के कुछ विधायक गुरुग्राम के एक रिसॉर्ट में एक महीने से अधिक समय तक रहे थे और उस बगावत में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केन्द्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की भी भूमिका थी।

राजस्थान के मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनके पास इस बात का सबूत है कि पायलट समेत प्रत्येक विधायक को 10-10 करोड़ रुपये दिये गये थे। इन आरोपों पर भाजपा नेता पूनिया ने पत्रकारों से कहा, ‘‘गहलोत यह आरोप तो पिछले चार साल से लगाते आ रहे हैं, लेकिन इन आरोपों का बहुत ज्यादा आधार नहीं है। भाजपा का दूर-दूर तक इस प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अशोक गहलोत जी सियासी तौर पर आरोप लगाते हैं। उनका सीधा-सीधा कोई तार्किक आधार दिखता नहीं है... सियासी बयानों के परे उसका कोई वजूद भी नहीं है। मैं इसको सिरे से नकारता हूं क्योंकि इस तरह की वह अकसर इस्तेमाल करते हैं।’’

वहीं गहलोत के ताजा बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा नेताओं ने कई तरह के कटाक्ष किए। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि कांग्रेस का अनुशासित कार्यकर्ता होने का दावा करने वाले गहलोत अब इस तरह के शब्दों का उपयोग कर रहे हैं। विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के आगमन से पहले ही गहलोत ने कांग्रेस तोड़ो यात्रा शुरू कर दी है।

राठौड़ ने ट्वीट किया है, ‘‘चार साल से चल रही मुख्यमंत्री की कुर्सी की लड़ाई का अंत सरकार की विदाई के साथ ही खत्म होगा।’’ वहीं पायलट को मुख्यमंत्री बनाने का समर्थन कर चुके राज्य के सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र गुढ़ा का भी एक बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान एक एक विधायक से बात करे। उन्होंने कहा, ‘‘एक-एक से बात कर लो.. मैं कह रहा हूं 80 प्रतिशत विधायक यदि सचिन पायलट के साथ नहीं हों तो.. हमारा दावा छोड देंगे।

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