कश्मीर में टारगेट किलिंग पर बोले सत्यपाल मलिक, मेरे कार्यकाल के दौरान श्रीनगर में एक भी आतंकी नहीं कर सका था प्रवेश

कश्मीर में टारगेट किलिंग पर बोले सत्यपाल मलिक, मेरे कार्यकाल के दौरान श्रीनगर में एक भी आतंकी नहीं कर सका था प्रवेश

आतंकियों ने अपना निशाना गैर कश्मीरी को बना रहे जो रोजी-रोटी की तलाश में राज्य में आए थे। सरकार लगातार इनके खिलाफ एक्शन की बात कर रही है। लेकिन एक के बाद एक इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है।

हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने आम लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इसके बाद से लगातार सरकार से सवाल पूछे जा रहे हैं और वहां लोगों की सुरक्षा को दुरुस्त करने की मांग की जा रही है। इन सबके बीच जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल और वर्तमान में मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बड़ा बयान दिया है। जम्मू कश्मीर में हो रहे आतंकी हमलों को लेकर सत्यपाल मलिक ने कहा कि जम्मू कश्मीर के राज्यपाल के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान श्रीनगर की 50 से 100 किलोमीटर की सीमा में कोई आतंकवादी प्रवेश नहीं कर सका था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब श्रीनगर में आतंकी गरीबों की हत्या कर रहे हैं जो वास्तव में बहुत ही दुखद है।

आपको बता दें कि दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में रविवार को आतंकवादियों ने बिहार के दो मजदूरों की उनके किराए के मकान में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी और एक अन्य को घायल कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने निर्देश दिया कि गैर स्थानीय मजदूरों को ‘तत्काल’नजदीकी सुरक्षा शिविरों में लाया जाये। जम्मू कश्मीर में 24 घंटे से भी कम समय में गैर-स्थानीय मजदूरों पर यह तीसरा हमला था। बिहार के एक रेहड़ी-पटरी वाले और उत्तर प्रदेश के एक बढ़ई की शनिवार शाम को आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस महीने अब तक नागरिकों को निशाना बनाकर की गई गोलीबारी में 11 लोगों की मौत हो चुकी है।

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आतंकियों ने अपना निशाना गैर कश्मीरी को बना रहे जो रोजी-रोटी की तलाश में राज्य में आए थे। सरकार लगातार इनके खिलाफ एक्शन की बात कर रही है। लेकिन एक के बाद एक इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। जम्मू कश्मीर की सुरक्षा स्थिति एक बार फिर से चिंता का विषय बन गई है। इस तरह की घटनाओं के बाद से प्रवासी लगातार अपने गृह राज्य लौट रहे हैं। वहीं, गैर कश्मीरी को निशाना बनाए जाने को लेकर देशभर में लोगों के अंदर गुस्सा देखा जा रहा है। साथ ही साथ वह इस पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। इनका सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि कश्मीर से धारा 370 के खत्म हो जाने के बाद भी आतंकियों के हौसले क्यों बुलंद हो रहे हैं?





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