सौगत राय बोले- तृणमूल छोड़ने के लिए स्वतंत्र हैं जवाहर सरकार

Saugata Roy
ANI
रॉय ने कहा, पार्टी को स्वार्थी और अवसरवादी लोगों की जरूरत नहीं है। जवाहर सरकार को तुरंत सांसद के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। वह ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जैसे कि वह सार्वजनिक कद वाले व्यक्ति हैं और हम नहीं।
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने मंगलवार को कहा कि पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले जवाहर सरकार इसे छोड़ने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह अपने विचारों को बहुत अधिक महत्व देना बंद करें। तृणमूल कांग्रेस को पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने के कारण उनके खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा,“अगर वह (सरकार) घटनाक्रम से इतने शर्मिंदा हैं, तो वह अभी भी अपने पद पर क्यों बने हुए हैं? उन्हें (राज्यसभा) सांसद के अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। वह पार्टी छोड़ने के लिए स्वतंत्र हैं, इसपर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। तृणमूल कांग्रेस के संघर्ष या पिछले बंगाल विधानसभा चुनाव में उसकी लड़ाई में जवाहर सरकार जैसे लोगों की कोई भूमिका नहीं थी।” 

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सरकार ने सोमवार को कहा था कि तृणमूल कांग्रेस का एक वर्ग “पूरी तरह सड़” चुका है और ऐसे तत्वों के साथ 2024 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मुकाबला नहीं किया जा सकता। एक साल पहले तृणमूल के टिकट पर राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने वाले पूर्व नौकरशाह सरकार ने हाल ही में कहा था कि कथित शिक्षक भर्ती और पशु तस्करी घोटालों के सिलसिले में पार्टी के नेताओं पार्थ चटर्जी और अनुब्रत मंडल को गिरफ्तार किए जाने के बाद उनके दोस्तों और परिवार ने उन्हें राजनीति छोड़ने के लिए कहा था। रॉय ने कहा, पार्टी को स्वार्थी और अवसरवादी लोगों की जरूरत नहीं है। जवाहर सरकार को तुरंत सांसद के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। वह ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जैसे कि वह सार्वजनिक कद वाले व्यक्ति हैं और हम नहीं। 

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रॉय ने कहा कि मैं पार्टी नेतृत्व से उनके खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध करूंगा। तृणमूल के एक अन्य नेता ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि सरकार के जाने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, “जवाहर सरकार जैसे लोग सांसद बनने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद राजनीति में शामिल होते हैं। अब जब पार्टी में संकट है, तो वे भागने की कोशिश कर रहे हैं। वह कहते हैं कि वह नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ना चाहते हैं, लेकिन तृणमूल सांसद होने के अलावा उनकी कोई पहचान नहीं है।

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