बुलबुल के पंखों पर बैठकर जन्मभूमि के भ्रमण को जाते थे सावरकर, कर्नाटक में कक्षा 8 की किताब को लेकर मचा बवाल

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अभिनय आकाश । Aug 29, 2022 6:07PM
कन्नड़ भाषा में एक दावा किया गया है जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उस पाठ्य पुस्तक में यह उल्लेख किया गया है कि जब वीडी सावरकर अंडमान जेल में थे तो वे जेल में से एक पक्षी की पीठ पर अपनी जन्मभूमि के भ्रमण को जाते थे।

कर्नाटक राज्य की 8वीं कक्षा की पाठ्यपुस्तक में विनायक दामोदर सावरकर के बारे में कही गई बातों ने एक नए विवाद को जन्म दिया है। कर्नाटक में बीजेपी सरकार ने कक्षा 8वीं के सिलेबस में संशोधन के बाद वीडी सावरकर से जुड़ा एक नया अध्याय जोड़ा है। इसमें कन्नड़ भाषा में एक दावा किया गया है जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उस पाठ्य पुस्तक में यह उल्लेख किया गया है कि जब वीडी सावरकर अंडमान जेल में थे तो वे जेल में से एक पक्षी की पीठ पर अपनी जन्मभूमि के भ्रमण को जाते थे। 

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बुलबुल के पंख पर बैठकर मातृभूमि की यात्रा

अध्याय के एक अंश में लिखा है "जिस जेल में सावरकर को रखा गया था, उसमें एक चाबी का छेद भी नहीं था। लेकिन बुलबुल रोज उस कोठरी में आती थी। सावरकर उस बुलबुल के पंखों पर चढ़कर हर दिन अपनी मातृभूमि का दौरा करते थे। कक्षा 8 की किताब के इस अध्याय को लेकर आलोचकों का कहना है कि यह छात्रों के लिए भ्रम पैदा करने वाला है। 

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भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सावरकर की भूमिका आरएसएस, भाजपा और कांग्रेस पार्टियों के बीच बड़ी बहस का विषय रही है। हाल ही में स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर भाजपा द्वारा आयोजित बैनर पर सावरकर की तस्वीर लगाई गई थी। कांग्रेस पार्टी ने इसका विरोध किया। सावरकर फिल्म की रिलीज पर आपत्ति जताई गई। वरकर को लेकर अभी भी बीजेपी और कांग्रेस के बीच कभी-कभार झड़पें होती रहती हैं। ऐसे में 8वीं क्लास की पिक्चर बुक में सावरकर को लेकर पेश किए तथ्य ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया।  

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