मुकुल रॉय के दलबदल मुद्दे पर भाजपा की रणनीति सफल, विधानसभा अध्यक्ष को मिला जल्द निर्णय लेने का निर्देश

मुकुल रॉय के दलबदल मुद्दे पर भाजपा की रणनीति सफल, विधानसभा अध्यक्ष को मिला जल्द निर्णय लेने का निर्देश

पीठ ने कहा कि हमें उम्मीद है कि विधानसभा अध्यक्ष 21 दिसंबर, 2021 को मामले की सुनवाई करेंगे और कानून के अनुसार इस पर फैसला करेंगे। इस मामले में उच्चतम न्यायालय अगले साल जनवरी में सुनवाई करेगा। आपको बता दें कि शुभेंदु अधिकारी ने मुकुल रॉय को विधानसभा के सदस्य के रूप में अयोग्य ठहराने का अनुरोध किया था।

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल होने वाले मुकुल रॉय की अयोग्यता पर जल्द फैसला लेने को कहा। दरअसल, अदालत ने मुकुल रॉय की बंगाल विधानसभा में लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के मामले को लेकर सुनवाई की। न्यायमूर्ति एल नागेश्वर और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने उम्मीद जताई कि बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष इस मामले में 21 दिसंबर तक अपना फैसला दे देंगे। 

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पीठ ने कहा कि हमें उम्मीद है कि विधानसभा अध्यक्ष 21 दिसंबर, 2021 को मामले की सुनवाई करेंगे और कानून के अनुसार इस पर फैसला करेंगे। इस मामले में उच्चतम न्यायालय अगले साल जनवरी में सुनवाई करेगा। आपको बता दें कि भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने 17 जून को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष याचिका दायर कर मुकुल रॉय को विधानसभा के सदस्य के रूप में अयोग्य ठहराने का अनुरोध किया था। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि वह टीएमसी में शामिल हो गए हैं।

वहीं, दूसरी तरफ भाजपा विधायक अंबिका रॉय ने जुलाई में मुकुल रॉय को पीएसी का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी और कहा था कि परंपरा के अनुसार इस पद पर विपक्षी सदस्य का नामांकन होना चाहिए। ऐसे में सोमवार को उच्चतम न्यायालय ने दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई की। 

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2011 के बाद पहली बार होगा निर्णय

भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ट्वीट कर न्यायालय के फैसले पर खुशी जताया। उन्होंने कहा कि न्याय की फिर से जीत हुई... साल 2011 के बाद पहली बार होगा जब दलबदल याचिका पर फैसला किया जाएगा।





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