स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने 10वीं, 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूलों को खोलने के निर्णय का स्वागत किया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 14, 2021   18:27
  • Like
स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने 10वीं, 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूलों को खोलने के निर्णय का स्वागत किया

स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने 10वीं, 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूलों को खोलने के निर्णय का स्वागत किया है। मॉडर्न पब्लिक स्कूल, शालीमार बाग की प्रधानाचार्य अल्का कपूर ने कहा, छात्रों को स्कूल बुलाने के निर्णय से उन्हें अपनी आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी।

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में स्कूल के प्रधानाचार्यों ने 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूलों को फिर से खोलने के सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय और अच्छा माहौल मिलेगा। मॉडर्न पब्लिक स्कूल, शालीमार बाग की प्रधानाचार्य अल्का कपूर ने कहा, छात्रों को स्कूल बुलाने के निर्णय से उन्हें अपनी आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, स्कूल प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कई कदम उठाएंगे कि छात्र संक्रमण से सुरक्षित रहें। छात्रों के आने-जाने का सबसे सुरक्षित तरीका यही होगा कि छात्रों को उनके माता-पिता और अभिभावकों के निजी वाहनों द्वारा स्कूल पहुंचाया जाए।’’ उन्होंने कहा, एक समय में, केवल कुछ छात्र ही कक्षा में उपस्थित होंगे जिससे स्कूल अधिकारियों को छात्रों के बीच उचित शारीरिक दूरी बनाए रखने और संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।’’

इसे भी पढ़ें: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का बयान- अगर कोई ‘महाशक्ति’ आत्म सम्मान को ठेस पहुंचाता है तो देंगे मुंहतोड़ जवाब

दिल्ली सरकार ने बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर 18 जनवरी से 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए स्कूलों को फिर से खोलने की अनुमति दी है। हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि शारीरिक उपस्थिति अनिवार्य नहीं है और छात्र अभिभावकों की सहमति से ही स्कूल जाएंगे। बहरहाल, कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पिछले साल बंद होने के 10 महीने बादराष्ट्रीय राजधानी में स्कूल फिर से खुलने जा रहे हैं, जिसके लिए शिक्षा निदेशालय ने निर्देश जारी किया है कि सोमवार से स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने पर कोविड​​-19 रोकथाम हेतू सभी दिशानिर्देशों का पालन किया जाए। एमआरजी स्कूल, रोहिणी की प्रिंसिपल प्रियंका बरारा के अनुसार, सरकार ने अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने की वैकल्पिक व्यवस्था की है, हालांकि उनकी सलाह है कि छात्र बोर्ड परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए स्कूल आएं। उन्होंने कहा, स्कूलों को पुन: खोलने का निर्णय सही समय पर किया गया है, जब भारत भर में टीकाकरण अभियान शुरू हो रहा है।

इसे भी पढ़ें: दुश्मनों पर पैनी नजर रखने के लिए भारतीय सेना खरीदेगी स्विच ड्रोन, जानिए इसकी खासियत

ये घोषणाएं आने वाले अच्छे समय का संकेत हैं। दिल्ली सरकार ने छात्रों के लिए स्कूल आना अनिवार्य नहीं किया है, लेकिन एक प्राचार्य के रूप में माता-पिता के लिए मेरी सलाह है कि बोर्ड परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए अपने बच्चों को स्कूल भेजें। बरारा ने कहा, हम अपने परिसर में पूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल सुनिश्चित करेंगे और अनिवार्य तापमान जांच के साथ, हर समय शारीरिक दूरी बनाए रखेंगे। बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय है, इसलिए विस्तृत और कक्षा शिक्षण उनकी परीक्षा की तैयारी के लिए एक बड़ा मददगार साबित होगा।’’ माउंट आबू स्कूल की प्रिंसिपल ज्योति अरोड़ा ने कहा, “10वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए स्कूलों को फिर से खोलना एक बहुप्रतीक्षित फैसला है। यह छात्रों को बोर्ड परीक्षा से पहले उनकी तैयारी को बेहतर करने में मदद करेगा। इन सबसे ऊपर, स्कूल के सभी लोग स्कूल परिसरों में बच्चों को वापस देखने को लेकर काफी उत्सुक और प्रसन्न हैं।’’ दिल्ली के 1,500 से अधिक निजी स्कूलों के एक संगठन ‘एक्शन कमेटी ऑफ अनएडेड प्राइवेट स्कूल (एसीयूपीएस) ने कक्षा 10 और 12 के लिए स्कूल फिर से शुरू करने के फैसले का स्वागत किया है। एसीयूपीएस के महासचिव भरत अरोड़ा ने कहा, हम दिल्ली सरकार के 18 जनवरी से कक्षा 10 और 12 के लिए स्कूलों को फिर से खोलने के फैसले का स्वागत करते हैं। इससे स्कूलों को शिक्षण व्यवस्था के अंतर को दूर करने और छात्रों को बेहतर ढंग से पढ़ाई करने में मदद मिलेगी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


मुंबई में कोविड-19 टीकाकरण में बाधक बन रहा कोविन ऐप, 52 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों को ही लग सका टीका

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   10:27
  • Like
मुंबई में कोविड-19 टीकाकरण में बाधक बन रहा कोविन ऐप, 52 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों को ही लग सका टीका

बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों ने कम लोगों द्वारा टीका लगवाने के लिए फिर से कोविन ऐप को जिम्मेदार ठहराया जो केंद्र सरकार ने टीकाकरण प्रबंधन के उद्देश्य से विकसित किया है।

मुंबई। मुंबई में कोविड-19 टीकाकरण के तीसरे दिन बुधवार को 3,300 स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन इनमें से केवल 52 प्रतिशत को ही टीका लगाया जा सका। अधिकारियों ने बताया कि कोविन ऐप में दिक्कतों के चलते ऐसा हुआ। उन्होंने कहा कि अब पंजीकृत कर्मियों के लिए सीधे आकर टीका लगवाने की अनुमति दे दी गई है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने कम लोगों द्वारा टीका लगवाने के लिए फिर से कोविन ऐप को जिम्मेदार ठहराया जो केंद्र सरकार ने टीकाकरण प्रबंधन के उद्देश्य से विकसित किया है। तकनीकी कारणों के मद्देनजर बीएमसी ने पंजीकृत स्वास्थ्य कर्मियों को सीधे आकर टीका लगवाने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। 

इसे भी पढ़ें: असम में कोरोना वैक्सीन की 1,000 खुराकें हुईं बर्बाद, जांच के आदेश दिए गए 

आंकड़ों के अनुसार बुधवार को केईएम अस्पताल में 362, डॉ बाबासाहेब अंबेडकर अस्पताल में 306 और रजवाड़ी अस्पताल में 236 स्वास्थ्य कर्मियों ने कोविड-19 का टीका लगवाया। इन सभी को सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित कोविशील्ड टीका दिया गया और जे जे अस्पताल में 15 स्वास्थ्य कर्मियों को कोवेक्सीन टीका लगाया गया। लगातार तीसरे दिन जे जे अस्पताल में सबसे कम लोगों ने टीका लगवाया। बीएमसी में कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मंगला गोमारे ने पीटीआई-से कहा कि कोविन ऐप में अब भी समस्याएं आ रही हैं, हालांकि कुछ तकनीकी खामियों को दूर किया गया है। उन्होंने कहा कि बीएमसी ने निर्णय लिया है कि अब पंजीकृत स्वास्थ्य कर्मियों को सीधे आकर टीका की खुराक लेने की अनुमति दी जाएगी भले ही वह उस दिन टीका लगवाने वालों की सूची में शामिल न हों।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


ममता बनर्जी को नंदीग्राम से 50 हजार वोटों से हराएगा भाजपा प्रत्याशी: शुभेंदु अधिकारी का दावा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   10:22
  • Like
ममता बनर्जी को नंदीग्राम से 50 हजार वोटों से हराएगा भाजपा प्रत्याशी: शुभेंदु अधिकारी का दावा

भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वाम मोर्चा की पिछली सरकार वर्तमान तृणमूल कांग्रेस सरकार से रोजगार देने समेत कई मायनों में बेहतर थी।

चंदननगर। भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से जो भी उम्मीदवार भाजपा से चुनाव लड़ेगा वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कम से कम 50 हजार मतों से पराजित करने में कामयाब रहेगा। हुगली के चंदननगर में एक रोडशो का नेतृत्व करते हुए अधिकारी ने, जिले के लोगों से सिंगूर आंदोलन के लिए माफी मांगी जिससे टाटा मोटर्स को ऑटोमोबाइल फैक्टरी लगाने की योजना को रद्द करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि वाम मोर्चा की पिछली सरकार वर्तमान तृणमूल कांग्रेस सरकार से रोजगार देने समेत कई मायनों में बेहतर थी। 

इसे भी पढ़ें: सांप्रदायिक रूप से बंटे नंदीग्राम में ममता बनर्जी-शुभेंदु अधिकारी का आमना-सामना 

अधिकारी ने कहा कि मुझे नहीं पता कि नंदीग्राम से भाजपा का उम्मीदवार कौन होगा। वह मैं भी हो सकता हूं या कोई और भी हो सकता है। लेकिन नंदीग्राम से भाजपा का जो भी प्रत्याशी होगा वह ममता बनर्जी को कम से कम 50 हजार मतों से हराएगा।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय के स्थापना दिवस पर लोगों को शुभकामनाएं दीं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   10:15
  • Like
प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय के स्थापना दिवस पर लोगों को शुभकामनाएं दीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय के स्थापना दिवस पर वहां के लोगों को बृहस्पतिवार को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘राज्य स्थापना दिवस पर मणिपुर के लोगों को बधाई।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय के स्थापना दिवस पर वहां के लोगों को बृहस्पतिवार को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘राज्य स्थापना दिवस पर मणिपुर के लोगों को बधाई। भारत को राष्ट्रीय विकास में राज्य के योगदान पर गर्व है।’’साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य नवोन्मेष और खेल कूद संबंधी प्रतिभा का गढ़ है। मोदी ने राज्य को उसकी विकास यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘‘त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं।

इसे भी पढ़ें: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को PM मोदी ने दी बधाई, कहा- साथ में काम करने को उत्सुक

त्रिपुरा की संस्कृति और लोगों के गर्मजोशी वाले स्वभाव की समूचे भारत में लोग सराहना करते हैं। राज्य ने अलग-अलग क्षेत्रों में शानदार प्रगति की है। कामना है कि यही भावना कायम रहे।’’ मेघालय के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य को भलमनसाहत और भाईचारे की भावना के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘मेघालय के युवा रचनात्मक और उद्यमशील हैं। कामना है कि राज्य आगामी दिनों में प्रगति की नयी ऊंचाइयों को छुए।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept