MP Budget Session 2021: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच बिना मास्क के विधानसभा पहुंचे कई मंत्री और विधायक

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 23, 2021   16:21
MP Budget Session 2021: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच बिना मास्क के विधानसभा पहुंचे कई मंत्री और विधायक

बजट सत्र के दूसरे दिन विधानसभा पहुंचे कई मंत्री और विधायक कोरोना को लेकर बेपरवाह दिखें। मंत्री और विधायक बिना मास्क के सदन पहुंचे। सीएम के निर्देशों का मंत्री और विधायकों पर कोई असर नहीं दिखा।

मध्य प्रदेश विधानसभा में सोमवार से शुरू हुए बजट सत्र का आज दूसरा दिन था। आपको बता दें कि वित्तीय वर्ष 2021-2022 का बजट 2 मार्च को पेश होगा। बजट सत्र के दूसरे दिन से जुड़ी कुछ मुख्य बातें-

मध्य प्रदेश में बढ़ते कोरोना मामलों के बीच बजट सत्र के दूसरे दिन विधानसभा पहुंचे कई मंत्री और विधायक कोरोना को लेकर बेपरवाह दिखें। मंत्री और विधायक बिना मास्क के सदन पहुंचे, इस बात पर जब उनसे सवाल किया गया तो अधिकतर मंत्री और विधायक बहाने बाजी करते हुए नजर आए।

कोरोना के प्रभाव को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मास्क को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। सीएम के निर्देशों का मंत्री और विधायकों पर कोई असर नहीं दिखा। मास्क नहीं लगाए मंत्री और विधायक इस पर सफाई देते हुए नजर आए। बता दें कि मंत्री उषा ठाकुर, हरदीप सिंह डंग, अजय विश्नोई, मंत्री मोहन यादव, विधायक रविंद्र सिंह भिडोसा बिना मास्क के सदन पहुंचे।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर बिना मास्क लगाए विधानसभा पहुंची। मास्क न लगाने पर पूछे गए सवालों पर उन्होंने कहा, "मैं वैदिक जीवन और योग पद्धति का अनुसरण करती हूं। प्रतिदिन शंख बजाती हूं, काढ़ा पीती हूं, गाय के गोबर के कण्डे पर हवन करती हूं। हनुमान चालीसा का पाठ करती हूं। यह मेरी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। यह मेरा कोरोना से बचाव है। गमछा गले मे रखती हूं अगर कोई पास आये तो मुँह पर रख लेती हूं। इंदौर में कोरोना के बढ़ते मामलों पर उषा ठाकुर ने कहा कि लोग बेवजह सड़को पर चाट पकौड़ी खाने आ रहें है। बेवजह सड़को पर निकल रहें है तभी प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़े।

विधानसभा द्वारा मंगलवार को जारी की गयी कार्यसूची के मुताबिक कोरोना संक्रमण के चलते पिछले साल सितंबर (22 व 23 सितंबर) तथा शीतकालीन सत्र में 28 से 30 दिसंबर को विधानसभा स्थगित हो गई थी। इस दौरान विधायकों ने सैकड़ों सवाल सरकार से पूछे थे, लेकिन इसके उत्तर नहीं दिए गए थे। दोनों सत्रों में पूछे गए सवालों के जवाब सरकार की तरफ से मंत्री द्वारा दिए गए। विधानसभा में प्रश्नकाल 1 साल 2 महीने 4 दिन बाद हुआ। काेरोना संक्रमण के चलते विधानसभा के सत्र भुलाये तो गए थे, लेकिन प्रश्नकाल नहीं हुआ था।

मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। सदन में कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा, बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश सारंग, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान, जसवंत सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। सदन में सीधी बस हादसे में मारे गए लोगों और उत्तराखंड त्रासदी में मारे गए लोगों को भी श्रद्धांजलि दी गई।

किसान आंदोलन में मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि नहीं देने पर पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधो ने आपत्ति जताई, वहीं पूर्व सीएम कमलनाथ ने सीधी बस हादसे के मृतकों को श्रद्धांजलि देने के साथ मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवारों को रोजगार देने की मांग की है। किसान आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को पीसीसी चीफ  कमलनाथ ने श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि के बाद विधानसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित की गई है।





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