• हिमाचल विधानसभा सत्र के लिए कड़ी होगी सुरक्षा व्यवस्था, घटाई जाएगी आने जाने वालों की तादाद

विधानसभा अध्यक्ष विप सिंह परमान ने कहा कि कोरोना महामारी अभी भी पूरे विश्व में विकराल रूप धारण किये हुए है वहीं हमारे देश व प्रदेश में भी इस महामारी की रफ्तार कुछ धीमी जरूर हुई है लेकिन अभी थमी नहीं है।

शिमला। सोमवार से शुरू हो रहे हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में इस बार सुरक्षा के कडे इंतजामों के साथ कोरोना महामारी से निपटने के लिये इंतजाम किये गये है। इस दौरान अंदर आने के लिये सिमित लोगों को ही पास दिये जायेंगे व हर किसी की थर्मल स्कैनिंग होगी इस दौरान किसी में भी बुखार के लक्षण पाये जाते हैं तो उसे बाहर ही रोक लिया जायेगा।विधानसभा अध्यक्ष विप सिंह परमान ने कहा कि कोरोना महामारी अभी भी पूरे विश्व में विकराल रूप धारण किये हुए है वहीं हमारे देश व प्रदेश में भी इस महामारी की रफ्तार कुछ धीमी जरूर हुई है लेकिन अभी थमी नहीं है। हालांकि ऐसी भयावह स्थिति में विधानसभा सत्र का आयोजन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है लेकिन संवैधानिक व्यवस्था को बनाये रखने के लिए सत्र का आयोजन करना भी अनिवार्य है। 

इसे भी पढ़ें: राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन अरबिंद एण्ड इंडिया रेनिसेंस की अध्यक्षता की

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय पूरी सजगता तथा दृढ़ता के साथ इसके आयोजन की तैयारियों मे जुटा है और हम पूरी तरह तैयार है। सत्र के दौरान कोरोना महामारी के लिए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जारी की गई उसकी अक्षरक्षः पालना की जायेगी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए हमने पूर्व की भांति यह निर्णय लिया है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ही गेट संख्या 1 से लेकर 10 तक थर्मल सक्रीनिंग करेंगे। पूर्व की भांति स्वास्थ्य विभाग दो शिफ्टों में डॉक्टर्ज , एक फार्मासिस्ट और एक स्टॉफ नर्स के साथ कुछ अन्य पैरा मैडिकल स्टॉफ को विधान सभा में तैनात रखेगा व थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान किसी का तापमान सामान्य से ज्यादा होने की स्थिति में उसे विधान सभा डिस्पैंसरी के समीप स्थापित आइसोलेशन रूम में अगली जांच के लिए शिफ्ट किया जायेगा। बिना थर्मल स्क्रीनिंग के कोई भी व्यक्ति विधान सभा परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा।सत्र के दौरान विधान सभा सचिवालय के मुख्य द्वारों, सदन के बाहर पक्ष व प्रतिपक्ष गैलरी, पक्ष व प्रतिपक्ष लौंज और अधिकारी दीर्धा के बाहर फुट पैडल के साथ सैनिटाईजर की व्यवस्था की जा रही है। 

उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान सभी को सर्जिकल फेस मास्क तथा सैनिटाईजर मुहैया करवाये जायेगें। सत्र के दौरान गेट न0 4 के बाई ओर एक टैस्टिंग वैन तैनात रहेगी। विधान सभा सत्र के दौरान समस्त परिसर व सदन को दिन में एक बार सोडियम हाईपोक्लोराइड के साथ वाईप सैनेटाईज किया जायेगा।  कोरोना महामारी के चलते हमने पिछले सत्र में यह निर्णय लिया था कि आगन्तुकों को पास जारी नहीं किये जायेंगे लेकिन इस सत्र के दौरान च्ींमक डंददमत में आगन्तुकों को पास जारी किये जायेंगे ताकि वे अपनी समस्याओं के सामाधान हेतु मुख्यमंत्री तथा मन्त्रियों से मुलाकात कर सकेगें। मुलाकात करवाने के लिए एक अधिकारी तैनात किया जायेगा जो मुख्यमंत्री तथा मन्त्रियों से उनकी उपलब्धता अनुसार कोरोना नियमों की अनुपालना करते हुए मिलवाने में सहायता करेगा। 

इसे भी पढ़ें: असम-मिजोरम सीमा विवाद पर क्या कर रहा केंद्र? CBI जांच की कोई योजना नहीं

वहीं दर्शक दीर्धा में बैठने हेतु एक दिन में अधिकतम 40 पास जारी किये जायेगें। मैंने मंत्रीपरिषद के सभी सदस्यों से आग्रह किया है कि वे अपने साथ जरूरी स्टाफ को ही आने की अनुमति दें। इसके अतिरिक्त हमनें प्रशासनिक सचिवों तथा विभागाध्यक्षों से भी आग्रह किया है कि वे केवल उन्हीं अधिकारियों और कर्मचारियों के पास के लिए आवेदन करें जिनकी सेवायें आवश्यक है। इस तरह विधान सभा सत्र के लिए डियुटी पर तैनात किये जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों में कुछ कटौती की जा रही है। अब विधान सभा सचिवालय 1200 के बजाय 800 के लगभग अधिकारियों/कर्मचारियों को पास जारी करेंगे। विधान सभा की सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने हेतु इस बार हैड कांउट कैमरा का प्रबन्ध किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण से बचने हेतु सदस्यों के सदन में बैठने की पूर्व की भांति विशेष व्यवस्था की गई है। सदन के भीतर सदस्य एक दूसरे के सम्पर्क से दूर रहें इसके लिए उनके आसन को 6 फुट उँची पोलीकार्बोनेट शीटस से पृथक किया गया है।उन्होंने बताया कि पत्रकार दीर्धा में एक समाचार पत्र तथा समाचार एजेंसी का एक ही पत्रकार बैठेगा तथा इलैक्ट्रोनिक मिडिया के एक-एक संवाददाता को भी पत्रकार दीर्धा में बैठने की अनुमति देंगे। इसके अतिरिक्त समाचार पत्रों, एजेंसियों तथा इलैक्ट्रोनिक मिडिया के फोटोग्राफर तथा कैमरामैन को भी परिसर में प्रवेश हेतु पास जारी किये जायेंगे।