सिंधिया को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग, भोपाल कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर

By दिनेश शुक्ला | Publish Date: Jul 8 2019 7:49PM
सिंधिया को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग, भोपाल कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर
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कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) से अमरिंदर सिंह ने गुजारिश की है कि राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद उनकी जगह पर दूसरे युवा नेता को अध्यक्ष बनाया जाए।

कांग्रेस के राष्टीय अध्यक्ष राहुल गांधी के इस्तीफे ने पार्टी में अंदर एक नई बहस शुरू कर दी है। जहां पार्टी पदाधिकारियों में इस्तीफा देने की होड़ लग गई है वही नया राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा इसको लेकर पार्टी के अंदर मंथन का दौर शुरू हो गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह ने नया अध्यक्ष किसी युवा को बनाए जाने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी का पद छोड़ने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है, अब कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में एक गतिशील युवा नेता की जरूरत है। सीडब्ल्यूसी से आग्रह है कि युवा भारत की युवा आबादी के लिए युवा नेता की जरूरत पर ध्यान दें। कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) से अमरिंदर सिंह ने गुजारिश की है कि राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद उनकी जगह पर दूसरे युवा नेता को अध्यक्ष बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इस पद एक ऐसे नेता की जरूरत है जो जमीनी स्तर पर लोगों में उत्साह भर दे और जिसकी अपील पूरे देश में सुनी जाए।



 
दूसरी ओर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयोतिरादित्य सिंधिया ने भी अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा ट्वीट कर दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि, 'जनादेश को स्वीकार करते हुए और जिम्मेदारी लेते हुए मैंने ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (एआईसीसी) के महासचिव पद से अपना इस्तीफा राहुल गांधी को सौंप दिया है। मुझ पर यकीन कर यह जिम्मेदारी देने और पार्टी की सेवा करने का अवसर देने हेतु मैं उनको (राहुल गांधी) धन्यवाद देता हूं।' ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 8-10 दिन पहले भेजा था। उन्होंने कहा, 'मैंने आज इस्तीफा नहीं दिया है।' 


लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार हुई थी। इन चुनावों में सबसे खास बात थी कि कांग्रेस के दिग्गज नेता भी अपनी सीट हार गए थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी मध्य प्रदेश की गुना सीट से हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की कुल 29 सीटों में से 28 सीटें झटककर कांग्रेस को हैरान कर दिया था। गुना सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले चार बार से जीतते आ रहे थे। इस सीट को कांग्रेस का गढ़ कहा जाता था। मध्य प्रदेश की गुना लोकसभा सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को बीजेपी के केपी यादव ने 1,25,549 वोटों से मात दी थी। इस सीट पर छठे चरण में 12 मई को वोटिंग हुई थी, जिसमें क्षेत्र के कुल 16,74,676 वोटरों में से 70.02 फीसदी ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।


लेकिन पार्टी में युवा अध्यक्ष नेतृत्व की बात उठने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया और सचिन पायलट के नाम पर उनके समर्थक सक्रिय हो गए है। भोपाल में कांग्रेस कार्यालय के सामने तो ज्योतिरादित्य सिंधिया को अध्यक्ष बनाने को लेकर पोस्टर भी लगा दिए गए है। विधानसभा चुनाव से पहले सिंधिया को मध्यप्रदेश की कमान देने की खूब चर्चा हुई थी लेकिन आखिर में कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर चुनाव लड़ा गया और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन गई लेकिन सचिन पायलट की तरह ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश में कोई मुख्य भूमिका नहीं मिली। लेकिन एक बार फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों को पार्टी में मुख्य भूमिका मिलने की आस जगी है।

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