अलगाववादियों की हड़ताल के कारण कश्मीर में सामान्य जनजीवन बाधित

Separatist-sponsored strike disrupts normal life in Kashmir
कश्मीर में अलगाववादियों द्वारा बुलाई गई हड़ताल के कारण सामान्य जनजीवन बाधित है। अलगाववादियों ने पाकिस्तान के घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए वर्ष 1947 में आज ही के दिन घाटी में सेना बुलाए जाने के खिलाफ हड़ताल आहूत की है।

श्रीनगर। कश्मीर में अलगाववादियों द्वारा बुलाई गई हड़ताल के कारण सामान्य जनजीवन बाधित है। अलगाववादियों ने पाकिस्तान के घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए वर्ष 1947 में आज ही के दिन घाटी में सेना बुलाए जाने के खिलाफ हड़ताल आहूत की है। प्रशासन ने कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए श्रीनगर के कई हिस्सों में पाबंदियां लागू की हैं। श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट (उपायुक्त) सैयद आबिद राशिद शाह ने कहा कि श्रीनगर के सात पुलिस थाने के तहत आने वाले इलाकों में पाबंदियां लगाई गई हैं।

शाह ने बताया कि रैनवारी, नौहट्टा, खानयार, सफाकदाल, एम आर गंज, क्रालखुद और मैसुमा के पुलिस थाने के तहत आने वाले इलाकों में पाबंदियां लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए लोगों के एकत्रित होने पर पाबंदियां लगाई गई हैं। अलगाववादियों ने 27 अक्तूबर 1947 को कश्मीर में सेना बुलाए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन स्वरूप घाटी में बंद आहूत किया है।

अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक ने लोगों को काला दिवस मनाने के लिए कहा है। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में दुकानें, निजी कार्यालय, ईंधन स्टेशन और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं जबकि सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी बाधित हैं। उन्होंने बताया कि कश्मीर के अन्य जिला मुख्यालयों से भी ऐसी ही रिपोर्टें मिली हैं।

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